नयागांव। न्यू चंडीगढ़ मुल्लांपुर के इलाके का सबसे बड़ा होमी भाभा सरकारी कैंसर अस्पताल (होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर) है, जिसे 50 एकड़ में बनाया गया है। इसमें मरीजों के लिए सभी प्रकार की सुविधा देने की कोशिश की गई है। वहां अब एनजीओज के सहयोग से मरीजों के ठहरने के लिए धर्मशाला भी तैयार हो गई है। इस अस्पताल को बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े विचार विमर्श के बाद चंडीगढ़ के आस-पास बनाने के लिए चिन्हित किया था क्योंकि बाहरी राज्यों से चंडीगढ़ में आने-जाने के लिए रेल और हवाई जहाज की सुविधा उपलब्ध है। इस अस्पताल को बनाने के पीछे का उद्देश्य हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के मरीजों को इलाज मुहैया कराना है।
अस्पताल में इलाज की सुविधा मिलने के बाद अब दूरदराज से आने वाले मरीजों के ठहरने के लिए धर्मशाला की सुविधा भी शुरू कर दी है। इसमें 70 बेड की व्यवस्था अस्पताल की ओर से की गई है। इसकी देख-रेख और संचालन खुद अस्पताल का प्रशासन ही करता है। मरीज के चेकअप के बाद डॉक्टरों की ओर से लिखे जाने पर ही धर्मशाला में ठहरने की अनुमति दी जाती है।
धर्मशाला में दो प्रकार से ठहरने की व्यवस्था
एक कमरे में दो मरीजों को शेयरिंग के साथ दो बेड लगे हुए हैं जो केवल मरीजों के लिए हैं। साथ में एक-एक परिजन को रुकने की इजाजत है लेकिन उसे जमीन पर ही अपना बिस्तर लगाना होगा। वहीं, दूसरी व्यवस्था में कमरों में रेल की बर्थ की तरह बेड लगाए गए हैं जिसके लिए मात्र 100 रुपये 24 घंटे के देने होंगे। धर्मशाला में ठहरे लोगों को सीमा रानी सोशल वेलफेयर सोसाइटी मुल्लांपुर और श्री गुरु अंगद देव जी सेवा सोसाइटी के सहयोग से दो वक्त खाना दिया जाता है जिसे धर्मशाला में ही तैयार किया जाता है।