जीरकपुर। ढकोली के हेल्थ कम्युनिटी सेंटर परिसर में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट सफेद हाथी बनकर रह गया है। क्योंकि एक महीना बीत गया है इसे चालू ही नहीं किया गया। यह प्लांट कोरोना काल में मरीजों के एक दिन भी काम नहीं आया, लेकिन आसपास के लोग और सीएचसी में भर्ती मरीज इस पर कपड़े सुखा रहे हैं।
बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों के इलाज में कम पड़ रही ऑक्सीजन की किल्लत से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने अहमदाबाद की टोरेन इंडिया लिमिटेड कंपनी के साथ टाइअप करके पंजाब में कई जगहों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाए थे। इनमें से दो पटियाला और एक प्लांट ढकोली सीएचसी में लगाया गया था। इस प्लांट से एक साथ पांच बिस्तरों पर मरीजों को ऑक्सीजन की सप्लाई देने की बात की जा रही थी, लेकिन 5 जून को हेल्थ कम्युनिटी सेंटर में यह प्लांट लगने के बाद न तो इस प्लांट से जुड़े काम हो सके और न ही यह प्लांट एक दिन भी चला। उस समय कयास लगाए जा रहे थे कि इस प्लांट से इस ढकोली सीएचसी में भर्ती मरीजों के इलाज में काफी फायदा होगा, लेकिन यह प्लांट महज सफेद हाथी बनकर रह गया है।
ऑक्सीजन टैंकर के साथ फोटो खींचवाकर चलते बने, चालू नहीं करवाया
ढकोली के सीएचसी में इस ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन नगर परिषद के प्रधान उदयवीर ढिल्लों ने किया था। उन्होंने यहां ऑक्सीजन टैंकर के साथ फोटो खींचवाई और खुद की पीठ थपथपाकर चलते बने। चालू अभी तक नहीं करवाया। एक करोड़ रुपये से लगने वाले इस प्लांट को अधिकारियों ने 10 जून को चालू करना था। लेकिन 21 दिन बीत गए यह चालू नहीं किया गया। अभी भी निश्चित नहीं है कि कब शुरू होगा। बस एक बार अधिकारी और नगर परिषद प्रधान ने फोटो खिंचवाई और एक दूसरे की पीठ थपथपाकर और पंजाब सरकार का धन्यवाद कर चलते बने। संवाद
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कांग्रेसी ड्रामेबाज, लोगों की सेहत से खिलवाड़ करके राजनीति कर रहे
इस मामले में हलका विधायक एनके शर्मा ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं की ड्रामेबाजी करने की आदत हो चुकी है, कोरोना काल में भी वे लोगों की सेहत से खिलवाड़ करके राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। जब हमने आइसोलेशन सेंटर बनाया था, तो कांग्रेसियों ने खूब ड्रामा किया था, हमारे बोर्ड उतरवा दिए गए थे। हमारे आइसोलेशन सेंटर को परमिशन देने में भी बाधा डाली जा रही थी। उसी नगर परिषद के अधिकारियों को बोल दिया था कि हमारे सेंटर को इस्तेमाल कर लो। बावजूद इसके 20 लाख रुपये लगाकर नया सेंटर बना दिया गया। जबकि उसमें केवल पांच मरीज ही पहुंचे थे। जो ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए ढकोली में आया है, वह भी खराब हो रहा है, अगर जल्द ही इसका इस्तेमाल नहीं किया गया तो यह मिट्टी हो जाएगा।