जीरकपुर। ढकोली रेलवे फाटक पर लंबे समय से लोगों को परेशान कर रही भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान की दिशा में अब ठोस पहल शुरू हो गई है। उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रस्तावित ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर विस्तृत जमीनी सर्वेक्षण किया, जिससे परियोजना को लेकर उम्मीदों ने रफ्तार पकड़ ली है। डिप्टी चीफ इंजीनियर हरमिंदर सिंह सिद्धू की अगुवाई में इस कार्रवाई के दौरान निर्माण एजेंसी की टीम ने मौके पर पैमाइश कर तकनीकी संभावनाओं का आकलन किया। अधिकारियों के अनुसार यहां करीब 800 मीटर लंबा ओवरब्रिज प्रस्तावित है, जो तैयार होने के बाद क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकता है।
सर्वे के दौरान सामने आया कि जीरकपुर ओवरब्रिज निर्माण के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है, जबकि पीरमुछल्ला की तरफ सीमित स्थान के चलते डिजाइन में बदलाव कर उतार को दो हिस्सों में बांटने की योजना पर काम किया जा रहा है। साथ ही एमएस एनक्लेव की ओर से आने वाले ट्रैफिक को कम्युनिटी स्वास्थ्य केंद्र ढकोली के पास से डायवर्ट कर फ्लाईओवर पर चढ़ाने और ढकोली की ओर जाने वाले वाहनों के लिए यू-टर्न की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। जिला प्रशासन ने भी इस सर्वे में सहयोग दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परियोजना को लेकर हर संभव प्रशासनिक और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि काम में कोई बाधा न आए।
सर्वे के दौरान फाटक पर बार-बार लगता रहा जाम
सर्वे के दौरान ही ढकोली फाटक की गंभीर स्थिति उजागर हो गई। महज डेढ़ घंटे के भीतर करीब आठ बार फाटक बंद हुआ, इससे सर्वे टीम को भी काम रोकना पड़ा। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां से रोजाना करीब 50 ट्रेनें गुजरती हैं। इस कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार के अंब्रेला प्रोजेक्ट के तहत करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से इस ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा और इसके लिए बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि पहले यहां अंडरपास बनाने की योजना थी, लेकिन अब ओवरब्रिज के निर्णय के बाद उस योजना को बदल दिया गया है
मौजूदा हालात को देखते हुए यह स्पष्ट है कि ढकोली रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज अब क्षेत्र की सबसे अहम जरूरत बन चुका है। ऐसे में लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि यह बहु प्रतीक्षित प्रोजेक्ट कब तक धरातल पर उतरता है। यूनिफाइड रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि वे लंबे समय से इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने सर्वे के बाद जल्द काम शुरू होने की उम्मीद जताई है। मौके पर स्थानीय अधिकारियों की गैरमौजूदगी को लेकर नाराजगी भी जाहिर की।