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विकास पर रोक : जीरकपुर में 40 करोड़ के विकास कार्यों को पंजाब निकाय विभाग से नहीं मिली मंजूरी

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जीरकपुर। लंबे अरसे के बाद स्थानीय नगर परिषद की ओर से शहर के बुनियादी ढांचे की कायाकल्प को लेकर करोड़ों रुपये के प्रस्ताव हाउस ने पारित कर निकाय विभाग को मंजूरी के लिए भेजे थे। लेकिन दो महीनों से अधिक का समय बीत जाने के बाद इन प्रस्तावों को निकाय विभाग के अधिकारियों की मंजूरी नहीं मिली। दूसरी ओर, विकास कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी न मिलने का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि शहर के अंदर सड़कों की हालत खस्ता हो चुकी है और जगह-जगह से सीवरेज लाइन की ब्लॉकेज को लेकर शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं।
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जानकारी के मुताबिक, 2015 के निकाय चुनाव में अकाली-भाजपा ने जीत दर्ज करते हुए सत्ता हासिल की थी, जिन्होंने मार्च 2020 तक शासन करते हुए शहर के अंदर विकास कार्यों को अंजाम दिया और मार्च 2020 में अकाली-भाजपा का कार्यकाल खत्म होने के बाद विकास कार्यों की बागडोर प्रशासक के पास आ गई। जिसने करीब एक साल तक शहर के अंदर विकास कार्यों को अंजाम दिया और फरवरी 2021 में हुए निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने शानदार जीत हासिल करते हुए स्थानीय नगर परिषद की सत्ता हासिल की। राज्य की तरह स्थानीय शहर की सत्ता पर कांग्रेसी नेताओं का कब्जा हो गया, जिससे यह कयास लगाए जा रहे थे कि अब उनके शहर के अंदर विकास कार्य जल्दी होंगे।
चार महीनों से शहरवासी तरस रहे विकास कार्यों को
फरवरी, 2021 में निकाय चुनाव को लेकर शहर के अंदर होने वाले विकास कार्यों पर रोक लग गई। इसके बाद कयास यही लगाए गए कि नए हाउस का गठन होने के बाद विकास कार्यों की रफ्तार में तेजी आएगी। लेकिन हुआ इसके उलट। क्योंकि अप्रैल में प्रशासन ने शहर को नया प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों के रूप में दिया, जिन्होंने तेजी दिखाते हुए करीब 40 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव को हाउस की बैठक में मंजूरी दिलाकर निकाय विभाग के आलाधिकारियों के पास मंजूरी के लिए भेजा। दूसरी ओर, करीब दो महीनों से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक निकाय विभाग की ओर से हाउस द्वारा पारित प्रस्तावों को मंजूरी नहीं दी गई।
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खस्ताहाल सड़कें और जगह-जगह ओवरफ्लो हो रही सीवरेज लाइन
लंबे समय से विकास कार्यों पर लगी रोक के चलते शहरवासी बुनियादी सुविधाओं को लेकर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। आलम यह है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों के अंदर सड़कों की हालत दिन प्रतिदिन खस्ता हो चुकी है और इसके अलावा सीवरेज लाइन ओवरफ्लो की परेशानी को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। यहीं हाल शहर के पार्कों का है, जिनके अंदर बैठने के वाले बैंच टूट चुके हैं और देखरेख न होने के चलते गंदगी के ढेर जगह-जगह दिखाई देते हैं। इसके अलावा, कुछ इलाके ऐसे हैं जहां रहने वाले लोग पीने वाले पानी की किल्लत को लेकर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
नगर परिषद के हाउस की ओर से पारित प्रस्तावों को पास करने की अंतिम मंजूरी निकाय विभाग की होती है, जिसके लिए जल्द ही विभाग के उच्चाधिकारियों से बैठक करके इन कामों को पास करवाने के लिए आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। -उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान, नगर परिषद जीरकपुर।
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