मोहाली। पावरकॉम की ओर से लगाए जा रहे है बिजली के स्मार्ट मीटर का विरोध शुरू हो गया है। इसके मद्देनजर सेक्टर-69 रेजिडेंट्स वेलफेयर फोरम के प्रधान रमनजोत सिंह कुंभड़ा आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की ओर से लोगों की सहमति लिए बिना ही स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। सेक्टर-68, 69 और फेज-7 के लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि पावरकॉम की ओर से यह पायलट प्रोजेक्ट पटियाला से शुरू किया गया था। लेकिन लोगों के विरोध के बाद इस काम को टाल दिया गया था।
उन्होंने कहा कि अब यह सिस्टम चोरी छुपे और लोगों की सहमति के बिना ही मोहाली के इलाकों में शुरू किया जा रहा है। इसके लिए लोगों से पूछा भी नहीं जा रहा है, जो कि सरासर गलत है। कई एरिया में चोरी छिपे स्मार्ट मीटर लगए जा रहे हैं। जबकि इसके लिए पहले उपभोक्ता की सहमति लेना जरूरी है। जब पटियाला में यह प्रोजेक्ट टाल दिया गया था तो यहां कैसे लागू हो सकता है, क्योंकि यह उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि इस मीटर की कीमत साढ़े आठ हजार रुपये है। जो कि लोगों की जेब से बाद में वसूूली जानी है। उन्होंने कहा कि ऐसा करके पंजाब सरकार लोगों पर आर्थिक बोझ डाल रही है। बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने की अभी तक कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो सेक्टर 68-69 और फेज-7 के लोग इसका कड़ा विरोध करने के लिए हाईवे जाम करेंगे और शहर में जगह-जगह लोग इकट्ठे होकर स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। पावरकॉम को यह काम तुरंत रोक देना चाहिए इसके लिए पहले लोगों से सहमति तो लें, क्योंकि पैसे तो उन्होंने ही देने हैं।