मोहाली। नगर निगम के अधीन आने वाले नए सेक्टरों में पानी सप्लाई का काम भी अपने हाथ में लेने के साथ ही अब वहां की सड़कें, पार्क और अन्य विकास का काम भी निगम अपने अधीन ले लेगा। इसके लिए नगर निगम और गमाडा के बीच कागजी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। एक अप्रैल से यह पूरा काम नगर निगम के अधीन आ जाएगा।
यह जानकारी मंगलवार को नगर निगम भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू ने दी। इस मौके पर उनके साथ नगर निगम के कमिश्नर डॉ. कमल कुमार गर्ग समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा उनका फोकस सिर्फ मोहाली के विकास पर है और करीब सौ करोड़ रुपये की लागत से इलाके में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।
इस मौके पर सिद्घू ने कहा कि शहर के विकास के लिए उन्होंने अपने स्तर पर काम किया है। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों से बैठक की है। इसके बाद गमाडा से 25 करोड़ रुपये का चेक विकास कार्य के लिए और अर्बन डेवलपमेंट के तहत 20 करोड़ रुपये हासिल किए हैं। जबकि इससे पिछली राज्य सरकार की ओर से कोई भी काम नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि सेक्टर-66 से 69 और 76 से 80 तक का इलाका नगर निगम के अधीन है। यहां की पानी सप्लाई की योजना को अपने हाथ में लेकर बाकायदा 10 तारीख को प्रस्ताव पास किया गया था। इसके बाद इस दिशा में कार्रवाई हुई है। उक्त सेक्टरों की पानी की योजना एक जनवरी से नगर निगम के अधीन आ जाएगी, इसके बाद नए और पुराने सेक्टरों में पानी की दरें एक हो जाएंगी।
वहीं, इसके बाद इन सेक्टरों की सड़कों के साथ अन्य विकास कार्य भी किए जाएंगे। इसके साथ ही ऐसा प्रयास किया जाएगा कि गमाडा से निरंतर निगम को पैसा मिलता रहे। जिससे कि शहर का विकास प्रभावित न हो। इस मौके पर पूर्व पार्षद कुलजीत सिंह बेदी और सेहत मंत्री के राजनीतिक सलाहकार हरकेश चंद शर्मा मच्छलीकलां समेत कई लोग मौजूद थे।
अब नए सेक्टरों में घूमेगा विकास का पहिया
इस मौके पर बलबीर सिंह सिद्घू ने कहा कि नए सेक्टरों के नगर निगम के अधीन आने पर अब यहां रह रहे लोगों को काफी फायदा होगा। जो लोग यहां पर अपने घर बना रहे हैं, उन्हें कोई मुश्किल नहीं आने दी जाएगी, यहां पर भी मोहाली के अन्य सेक्टरों की तरह ही विकास होगा। इस मौके पर सेक्टर-76 से 80 कि प्लॉट अलाटमेंट एंड डेवलपमेंट वेलफेयर कमेटी के सदस्यों के प्रयास को भी उन्होंने सराहा और इसके साथ ही कार्रवाई के लिए कमेटी के सदस्यों ने उनका मुंह मीठा करवाया।
निगम का पानी भी गमाडा के अधीन था
जानकारी के मुताबिक अभी तक उक्त सेक्टर गमाडा के अधीन थे। गमाडा ने अपने स्तर पर पार्क और अन्य काम शुरू कर दिए हैं। लेकिन इन इलाकों के लोगों का पूरा काम गमाडा से होना होता था। ऐसे में उक्त इलाके के लोगों को काफी दिक्कत आती थी। इतना ही नहीं नगर निगम भवन सेक्टर-69 में है। वहां की पानी की सप्लाई भी गमाडा के अधीन थी।