सचिव की मीटिंग में मांगों पर बनी सहमति को लागू न करने पर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी।
मोहाली। वीरवार को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड डेलीवेज कर्मचारियों ने अपना तीन दिन के लिए धरना प्रदर्शन वीरवार शुरू कर दिया था। शुक्रवार को धरना दूसरे दिन में प्रवेश कर गया है। यह धरना 18 जनवरी को हुई सचिव की मीटिंग में मांगों पर बनी सहमति को लागू न करने के रोष में दिया जा रहा है।
इस धरने में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के डेलीवेज कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और क्षेत्रीय डीपो व आदर्श स्कूल में डेलीवेज कर्मचारियों ने अपने-अपने दफ्तरों के आगे धरना लगाकर प्रदर्शन किया। बोर्ड कार्पोरेशन महासंघ, सीटू और अन्य जत्थेबंदियों ने भी धरने में हिस्सा लिया। यूनियन के लोगों ने कहा कि बोर्ड मैनेजमेंट ने मीटिंग कर जो वादाखिलाफी की है, उससे डेलीवेज कर्मचारी दुखी है। उन्होंने कहा कि सचिव के साथ हुई मीटिंग में सहमति हुई थी कि 7 अक्टूबर 2022 को रेगुलर पॉलिसी के अधीन डेलीवेज कर्मचारी का केस विचार करके रिलीफ देने के लिए पंजाब सरकार को भेजा जाएगा और पंजाब सरकार के श्रम विभाग अनुसार कम से कम न्यूनतम पे-स्केल और छुट्टियां दी जाएंगी।
सचिव की ओर से कार्रवाई करने के लिए 7 दिनों का समय लिया गया था जिस पर बोर्ड मैनेजमेंट की ओर से 30 जनवरी 3024 तक कोई भी योग्य कार्रवाई पूरी नहीं की गई जिस पर रोष स्वरूप डेलीवेज कर्मचारियों ने तीन दिन तक लगातार धरने का ऐलान किया है क्योंकि बोर्ड मैनेजमेंट ने डेलीवेज कर्मचारियों की ड्यूटियां प्रश्न पत्र लेकर जाने वाले ट्रकों पर लगा दी जोकि 6 दिन का कार्य था। उन्होंने कहा कि इस संबंधी जब डेलीवेज यूनियन ने चेयरपर्सन के बात की तो 8 घंटे की ड्यूटी के बाद ड्यूटी पर उपस्थित कर्मचारियों को डबल वेतन दिया जाएगा या नहीं इस पर चेयरपर्सन का व्यवहार अच्छा नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल 9 घंटे की दिहाड़ी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उन्हें 24 घंटे काम करना पड़ेगा और कोई बढ़ी हुई दिहाड़ी नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगर उनका नहीं सरता तो वह नौकरी छोड़ सकते हैं।