खरड़। पंजाब में कोरोना के दौरान काम करने वाले पुलिस वॉलंटियर्स ने अपनी मांगो को लेकर रोपड़-चंडीगढ़ हाईवे पर शिवजोत एनक्लेव के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ड्यूटी मैजिस्ट्रेट ने मुख्यमंत्री के साथ पांच दिसंबर को बैठक करवाने के आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया। वॉलंटियर्स नेता अमरजीत सिंह, किरण कौर, राजिंदर सिंह, निशान सिंह आदि ने कहा कि पंजाब पुलिस वॉलंटियर्स कोविड-19 की टीम में 180-250 के करीब वॉलंटियर्स है, जो काफी समय से अपनी मांगो के लिए संघर्ष कर रहे है। आज तक सड़कों पर बेरोजगार घूम रहे हैं। कोविड काल में उन्होंने अपनी सेवाएं शानदार तरीके से निभाई। उनकी इससे पहले पंजाब के खजाना मंत्री, पंचायत मंत्री समेत अन्य मंत्रियों के साथ बैठकें हो चुकी है। हर बार कैबिनेट मंत्रियों यही कहते हैं कि उनकी मांगों का मुख्यमंत्री हल करेंगे।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उन्हें मान भत्ता और विभाग में नौकरी दी जाए। जब तक सरकार पक्की नौकरी नहीं दे सकती, उस समय तक सरकार उन्हेें किसी भी विभाग में एडजस्ट करके मान भत्ता दें। कई वालंटियर्स ने हाईवे जाम करने की कोशिश की गई परंतु पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। आखिरकार वॉलंटियर्स सड़क के बीचों-बीच बैठ गए तो पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती उठाकर सड़क के किनारे बैठाया। इससे पहले खरड़ प्रशासन द्वारा ड्यूटी मैजिस्ट्रेट मेजर हरमिंदर सिंह घोलिया, डीएसपी खरड़ कर्ण सिंह संधू, थाना सदर खरड़ के एसएचओ जगजीत सिंह ने प्रदर्शनकारियों के साथ मीटिंग करके धरना समाप्त करने की अपील की परंतु प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग की मांग को लेकर अड़े रहे।
मौके पर थाना घडूआं के एसएचओ भगतवीर सिंह, पुलिस चौकी सन्नीं एनक्लेव खरड़ के इंचार्ज सतविंदर सिंह, थाना सिटी खरड़ के एसएचओ मनदीप सिंह बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ मौके पर तैनात थे। ड्यूटी मैजिस्ट्रेट मेजर हरमिंदर सिंह घोलिया ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार द्वारा कैबिनेट सब कमेटी के साथ पांच दिसंबर को सुबह 10 बजे पंजाब भवन चंडीगढ़ में पैनल मीटिंग तय की गई है जिसमें वॉलंटियर्स टीम के सदस्य शामिल होंगे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना रोष धरना समाप्त किया।