मोहाली। केंद्र सरकार के बजट में अब कुछ ही समय बचा है। इस बजट से सबसे ज्यादा प्रभावित वर्ग है व्यापारी, क्योंकि इसकी उम्मीदें बजट से ज्यादा हैं। इसकी वजह यह है कि यही वह वर्ग है जो कि सरकार की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी निभाता है। इस वर्ग की मांग है कि जीएसटी को अलग-अलग स्लैबों से हटाकर एक करना चाहिए और छोटे व्यापारियों की ओर ध्यान देते हुए नई योजनाएं बनाई जानी चाहिए।
कोट्स
बजट में आयकर दरों में बदलाव और आम लोगों के लिए राहत प्रदान करने वाले कदम उठाए जाने चाहिए। जीएसटी को अलग-अलग स्लैबों से हटाकर एक करना चाहिए। साथ ही बजट में छोटे व्यापारियों के लिए भी नई योजना बनाई जानी चाहिए। -अकविंदर सिंह गोसल, सीनियर उपप्रधान, व्यापार मंडल, मोहाली
पहले सोने पर छूट थी
पिछले साल जुलाई में जो मोदी सरकार ने बजट पेश किया था, उसमें सोने पर सीमा शुल्क में छूट दी थी। इसका ग्राहकों ने लाभ उठाया था। इस बार भी केंद्र से उम्मीद है कि कुछ ऐसा ही हो। जीएसटी सोने के उत्पादों पर तीन प्रतिशत है। उम्मीद है कि इसे एक प्रतिशत कर दें। -सरबजीत सिंह पारस, प्रधान, मोहाली ज्वेलर्स एसोसिएशन
व्यापारियों को राहत देने वाला बजट हो
बजट में केंद्र सरकार को शिक्षा और सेहत सुविधाओं पर जोर देना चाहिए। विदेशों की तर्ज पर शिक्षा और सेहत सुविधा फ्री मुहैया करवानी चाहिए। जिससे आम जनता को इसका फायदा मिल सके। इसके अलावा व्यापारियों को राहत देने वाला बजट पेश करना चाहिए। -राजपाल सिंह चौधरी, प्रधान फेज-5 मार्केट एसोसिएशन
10 लाख रुपये तक की छूट मिले
आयकर के स्लैब में बदलाव की जरूरत है और इसे कम से कम 10 लाख रुपये तक की छूट दी जानी चाहिए। इस तरह लोग कुछ बचत कर सकेंगे। साथ ही बजट में छोटे व्यापारी वर्ग को भी राहत दी जाए क्योंकि छोटे व्यापारी ऑनलाइन व्यापार से परेशान हैं। -मनोज वर्मा, उपप्रधान फेज-9 मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन
व्यापारी के लिए मुआवजे का प्रावधान हो
देश में जीएसटी हो या आयकर एक व्यापारी को सभी कर भरने होते हैं। लेकिन अगर व्यापार में घाटा होता है तो उसे कोई सहारा नहीं मिलता। किसान की फसल खराब होती है तो उसे मुआवजा मिलता है, लेकिन व्यापारी के लिए किसी मुआवजे का प्रावधान नहीं है। बजट में इस संबंधी सरकार को फैसला करना चाहिए। -नवनीत शर्मा, फेज-6 मोटर मार्केट एसोसिएशन के सदस्य