जीरकपुर। जिस दिन से एयरपोर्ट की दीवार के सौ मीटर के दायरे में आने वाले घरों का सर्वे किया जा रहा है, उसी दिन से गांव भबात के लोग परेशानी में हैं और अपने घरों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। बुधवार को गांव निवासियों ने उनके वार्ड पार्षद जसविंदर सिंह लौंगिया और पार्षद सुखबीर सिंह लक्की की अगुवाई में हलका विधायक कुलजीत सिंह रंधावा और डीसी मोहाली आशिका जैन को एक मांगपत्र सौंपा है। इसमें गांव निवासियों को न उजाड़ने की गुहार लगाई गई है और कहा गया है कि अगर केंद्र सरकार के आगे वह बेबस हैं तो जिन घरों और दुकानों को तोड़ा जाएगा उनकी जगह गांव की शामलात जमीन में से उतनी ही जगह दी जाए ताकि वह वहां पर बस सकें। इस मांगपत्र में लोगों ने बताया कि वह गांव भबात के पक्के निवासी हैं जो के क्षेत्र का सबसे पुराना और बड़ा गांव है और उनके बुजुर्ग कई पीढ़ियों से इसी गांव में रहते आ रहे हैं। लोगों ने बताया कि यह उनकी जद्दी जमीन है और उन्होंने अपनी जिंदगी भर की पूंजी लगाकर अपने घरों तथा कारोबार खड़े किए हैं। लोगों ने बताया कि कई साल पहले सरकार ने पहले हमारे गांव की जमीन एक्वायर कर यहां एक छोटा एयरपोर्ट बनाया था, जिसे बाद में ओर जगह लेकर अब इसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बना दिया है। सरकार द्वारा अब इसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बना दिया है और उसकी सुरक्षा को खतरा बताते हुए, दीवार के 100 मीटर के दायरे में आने वाले मकान और दुकानों को फिर से तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एक बार पहले लोगों को उजाड़ा गया था और अब फिर से उजाड़ा जा रहा है। उजाड़े के डर कारण गांव निवासियों के मन में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों ने बताया कि आज के दौर में यहां घर बनाना कितना मुश्किल है ओर फिर सरकारों की ओर से जो मुआवजा दिया जाता है वह बहुत कम होता है। लोगों ने मांग है कि उनकी पहली मांग तो यहीं है कि उनके घरों और दुकानों को न तोड़ा जाए लेकिन यदि उनकी मजबूरी है तो उनको जमीन के बदले जमीन दी जाए और जो बिल्डिंग तोड़ी जाएगी उसका आज के भाव से रेट दिया जाए, ताकि वह अपना घर व दुकान दोबारा बना सकें। इस मौके उनके साथ गांव के नंबरदार भी मौजूद थे। इस दौरान हलका विधायक कुलजीत सिंह रंधावा और डीसी मोहाली ने मांगपत्र लेते हुए इस पर सरकार के साथ विचार करने का आश्वासन दिया।