मोहाली। लोकसभा चुनाव से एक बार फिर शहर में नीड बेस्ड पॉलिसी को लेकर मांग उठने लगी है। नीड बेस्ड पालिसी के लागू न होने के कारण सिटी के लोग न तो अपने घरों में आवश्यक बदलाव कर ही नहीं पा रहे हैं। हालात यह हैं कि यदि कोई भी आवश्यक बदलाव करता है तो उसको गमाडा नोटिस थमा देता है। ऐसे में लोग परेशान हो चुके हैं। अब लोगों को कहना है कि नीड बेस्ड पालिसी नए सिरे से तैयार की जानी चाहिए और उसमें आम लोगों की राय अवश्य लेनी चाहिए।
अपने घरों में किए गए बदलावों को नियमित करवाने के लिए नीड बेस्ड पॉलिसी को लागू करने का यह मुद्दा इसी वजह से एक बार फिर से गरमा गया है। पहले इस नीति को लागू करने की मांग कई बार की जा चुकी है। लेकिन यह नीति अब तक ठंडे बस्ते में पड़ी है। जिन लोगों ने घर में आवश्यक बदलाव करवाए भी हैं उनको अब डर सता रहा है कि गमाडा नोटिस भेज कर उनका आशियाना न तोड़ दे। बता दें कि कि वर्ष 2011-12 में नई नीड बेस्ड पॉलिसी तैयार की थी पर गमाडा के उस समय के मुख्य प्रशासक ने इसको खारिज कर दिया था।
चालीस साल पहले का सिटी, घर हो गए छोटे
शहर को बसे 40 वर्ष हो गए हैं, इस दौरान लोगों के परिवार भी बढ़े हैं और लोगों के घर छोटे होते जा रहे हैं। इसके चलते लोगों ने अपने घरों में जरूरी बदलाव किए हैं। इसके तहत घरों में सिंगल रूम, किचन, बाथरूम बनवाए गए हैं, लेकिन इस नीति को लागू नहीं करने पर गमाडा इन लोगों को नोटिस जारी कर उनके घरों को रद्द कर देता हैं और उन्हें बेवजह परेशान करता है।
बूथों पर दूसरी मंजिल की बनाने की मांग
नीड बेस्ड पॉलिसी के तहत बूथों पर दूसरी मंजिल बनाने की मांग भी वर्षों पुरानी है। इस बीच, गमाडा ने भी दो मंजिला बूथ बनाकर बेच दिए हैं और निजी कॉलोनाइजरों को भी ऐसा करने की अनुमति दी गई है, पर खुद गमाडा मोहाली में दो मंजिला बूथ बनाने की अनुमति नहीं दे रहा। नीड बेस्ड पॉलिसी लागू होती है तो इससे सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा और आम आदमी पार्टी को वोट देने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
कोट्स
अब आबादी बढ़ चुकी है। इसलिए एक बेहतर नीड बेस्ड पालिसी की आवश्यकता है। यह जरूरी है कि सर्वे करके नीड बेस्ड पालिसी तैयार की जानी चाहिए। इसमें पब्लिक की प्रतिभागिता भी करनी चाहिए। जिससे कि आम लोगों की बात भी इस पालिसी में आ सके। -हरबिंदर सिंह सैनी, महासचिव, आरडब्लूए फेज-1
कोट्स
अब परिवार बड़े हो चुके हैं। इसलिए नीड बेस्ड पाॅलिसी अब मोहाली का आवश्यकता बन चुकी है। लोग अपने घरों में बदलाव तक नहीं करवा सकते हैं, यदि करवाते हैं तो उनको नोटिस आते हैं। इसलिए इसे नए सिरे से तैयार किया जाना चाहिए। -परमजीत सिंह हैप्पी, म्युनिसिपल काउंसलर और प्रधान आरडब्लूए मोहाली