गेहूं की खराब हुई फसल का मुआवजा 50 हजार प्रति एकड़ देने की मांग
भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर ने खरड़ में बैठक कर अपनी मांग रखी
संवाद न्यूज एजेंसी
खरड़। भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर की बैठक रविंदर सिंह देहकलां की अध्यक्षता में श्री गुरुद्वारा साहिब अकाली दफ्तर खरड़ में आयोजित की गई। इसमें पंजाब सरकार की ओर से बेमौसमी बारिश से खराब हुई गेहूं की फसल का मुआवजा 13 अप्रैल तक देने की घोषणा पर हैरानी प्रकट की है। किसानों ने कहा कि अभी तक पटवारी गांवों में गिरदावरी करने के लिए नहीं पहुंचे हैं तो इतनी जल्दी मुआवजा कैसे मिलेगा।
किसानों ने कहा कि भगवंत मान की सरकार केवल घोषणाएं करने वाली सरकार है, क्योंकि पिछली बार खराब हुई फसल की गिरदावरी करके सरकार ने कोई मुआवजा अब तक नहीं दिया है। सरकार द्वारा धान की फसल की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को भी अभी तक पूरा मुआवजा नहीं दिया गया है। इस दौरान किसानों ने सरकार से मांग की है कि खराब हुई फसलों की जल्दी गिरदावरी करवाई जाए।
किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित 15 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा बहुत कम है। क्योंकि 15 हजार रुपये की तो तूड़ी ही होती है। नेताओं ने मुआवजे की रकम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की मांग की। किसानों ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने दूध के दाम तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ाए हैं। लेकिन यह बढ़ी हुई कीमत दूध उत्पादकों को नहीं मिली है। इस अवसर पर त्रिलोचन सिंह, गुरप्रीत सिंह नडियाली, अवतार सिंह, अजैब सिंह, हरनेक सिंह, प्रगट सिंह पोपना, राजा नंगल, बलजिंदर सिंह,हरबंस सिंह, जागर सिंह धड़ाक, हरजिंदर सिंह, हरिंदर सिंह मजातड़ी और हरविंदर सिंह पोपना समेत किसान यूनियन के अन्य सदस्य मौजूद थे।