नयागांव। इलाके की पटियाला की राव नदी पर कूड़े को लेकर इन दिनों उच्चाधिकारियों के साथ परिषद के अधिकारी भी संवेदनशील नजर आ रहे हैं। शनिवार को पटियाला की राव नदी के किनारे सफाईकर्मी सुपरवाइजर के साथ काम कर रहे थे। इस दौरान सैनेटरी इंस्पेक्टर और सुपरवाइजर में सफाईकर्मियों के लिए बहस हो गई। इस पर सुपरवाइजर डीएस गिल पटियाला की राव नदी के किनारे सफाई करने की टीम बनाने और सफाई के लिए उचित सामान नहीं मुहैया कराने के आरोप लगाए। जानकारी के अनुसार, पटियाला की राव नदी के किनारे पर परिषद ही कूड़ा फेंक रही थी। इस पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए इसे हटाकर 16 जनवरी तक जवाब मांगा है। शुक्रवार को स्वच्छ भारत मुहिम के डायरेक्टर पूर्ण सिंह समेत अन्य अफसरों ने पटियाला की राव का दौरा किया था। दौरे के बाद उन्होंने परिषद के अफसरों को 15 लोगों की टीम बनाकर पक्के तौर पर सफाईकर्मी पटियाला की राव पर तैनात करने को कहा था। इसके बाद शनिवार को सुपरवाइजर की देखरेख में सफाई कर्मचारी काम कर रहे थे कि मौके पर सैनेटरी इंस्पेक्टर संतोष वर्मा पहुंचे और उन्होंने सफाई कर्मचारियों को बुलाकर टीम बनाने की बात कही तो सुपरवाइजर ने खुद की अनदेखी होती देखकर उनसे बात की। इसके बाद बातचीत के दौरान उनकी बहस हो गई। इसके बाद सैनेटरी इंस्पेक्टर ने उन्हें कहा कि उनका वहां काम नहीं है। इस पर सुपरवाइजर ने कहा कि उन्हें ईओ रवि जिंदल और चीफ सैनेटरी इंस्पेक्टर बलबीर ढाका के कहने पर हैं। सामान नहीं मिलने के बारे में सैनेटरी इंस्पेक्टर ने कहा कि प्रस्ताव पास हो चुका है। टेंडर लगना बाकी है जो उनके अधीन नहीं आता है।