मोहाली। जिले के निजी अस्पताल अब कोरोना मरीजों को उपचार के लिए दाखिल करने से इंकार नहीं करेंगे। संक्रमण का शिकार कोई मरीज गंभीर हालत में किसी अस्पताल पहुंचता है तो उसे उपचार के लिए दाखिल करना होगा। अगर कोई मरीज लेवल-3 स्तर का है और इस स्तर के बेड उपलब्ध न होने पर अस्पताल उसे लेवल-2 स्तर पर दाखिल कर उपचार करेगा। डीसी गिरीश दियालन ने यह निर्देश सभी निजी अस्पतालों को दिए हैं।
कोरोना संक्रमण के शिकार लोगों को उनकी स्थिति के अनुसार तीन लेवल में बांटा गया है। लेवल-1 के मरीज वो हैं जिन्हें आम तौर पर होम आइसोलेशन या क्वारंटीन सेंटर में रखा जाता है। लेवल-2 के मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत होती है। जबकि लेवल-3 के मरीजों को आईसीयू में रखा जाता है। बाहरी मरीजों के उपचार के लिए मोहाली में आने से जिले में लेवल-3 के बेडों की कमी महसूस की जाने लगी है। लिहाजा डीसी गिरीश दियालन ने कोरोना का उपचार कर रहे सभी निजी अस्पतालों से कहा है कि लेवल-3 का बेड उपलब्ध न होने की स्थिति में मरीज को बिना उपचार वापस न भेजें। बल्कि उसे लेवल-2 में दाखिल कर उपचार करें। लेवल-3 का बेड उपलब्ध होने पर उसे शिफ्ट किया जाए। ऐसा करने से मरीजों का डाक्टर्स की निगरानी में उपचार हो सकेगा।
सब-डिवीजनों के अस्पतालों में शव रखने के लिए आएंगे फ्रिजर
कोरोना संक्रमण से लगातार बढ़ रही मौतों की संख्या देखते हुए सब-डिवीजनों के अस्पतालों में शव रखने के लिए फ्रिज मुहैया करवाने का आदेश डीसी गिरीश दियालन ने दिया है। यह आदेश उन्होंने मंगलवार को जिले के सभी एसडीएम और वरिष्ठ डाक्टर्स के साथ एक बैठक कर हालात और प्रबंधों का जायजा लेने के दौरान दिया। वहीं, डीसी ने सब-डिवीजनों के अस्पतालों को शव ले जाने वाले 3-3 वाहन किराए पर लेने के लिए भी कहा। जिससे शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने में परेशानी न हो।