जीरकपुर। जैसे-जैसे लॉकडाउन की अवधि बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे दिहाड़ी मजदूरों का निवाला भी मुश्किल होता जा रहा है। दो वक्त की रोटी के लिए काम करने वाले यह मजदूर अब न तो काम करके दिहाड़ी कमा सकते हैं और न ही राशन इकट्ठा कर सकते हैं। इन गरीब मजदूरों के पास है अब सिर्फ इंतजार.. इंतजार दो वक्त की रोटी देने वाले फरिश्तों का। अक्सर शाम भी ढल जाती है और मजदूर सिर्फ एक ग्लास पानी पीकर सो जाते हैं। मजदूरों की यह गुहार प्रशासन तक भी पहुंच चुकी है पर वहां से भी मिलता है तो सिर्फ आश्वासन। आश्वासन पर टिकी भूख जब सहन से पार हुई तो यह मजदूर निकल पड़े बलटाना की सड़क पर और प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
जीरकपुर हो या डेराबस्सी.. दिहाड़ी मजदूर सभी जगह हैं
बलटाना के कुछ ऐसे ही मजदूरों ने खाना न मिलने के कारण यहां प्रदर्शन किया। वीरवार को यह मजदूर दोपहर में सड़क पर निकले और यहां जमकर प्रदर्शन किया। चाहे जीरकपुर या डेराबस्सी दिहाड़ी मजदूर हर जगह देखे जा सकते हैं। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर महिलाएं थीं। इन महिलाओं का कहना था कि खाना न मिलने से उनकी जान संकट में है। उनको या तो काम करने की इजाजत दी जाए या फिर उनको खाना उपलब्ध करवाया जाए। उनको भी कर्फ्यू के दौरान शुरुआत में खाना उपलब्ध करवाया गया लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया वैसे-वैसे लोग भी आना बंद हो गए। एक समाजिक संस्था आती जरूर है पर वह भी चंद लोगों को एक वक्त का खाना देकर चली जाती है।
घरों से निकलने को मजबूर
नंबरदार जसवंत सिंह ने बताया कि बलटाना में रहने वाले प्रवासी मजदूरों और दिहाड़ीदारों पर जिला प्रशासन का ध्यान तक नहीं है। ऐसे में यह लोग अपने घर से निकलने में मजबूर हैं। ये मजदूर नहीं चाहते कि वे बाहर आएं। नंबरदार ने यहां से ही नगर काउंसिल के ईओ को वीडियो कॉल करके जानकारी प्रदान की। इस बारे में नगर काउंसिल के ईओ मनवीर सिंह गिल ने कहा कि जल्द ही जरूरतमंद लोगों को राशन पहुंचाया जाएगा।