चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा में लगने वाले 550 टीडीपी के इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) पर चर्चा के लिए नगर निगम ने 12 जुलाई को प्री-बिड बैठक रखी थी, जो दूसरी बार स्थगित कर दी गई है। पहले यह बैठक सात जुलाई, फिर 12 जुलाई को रखी गई थी। बताया जा रहा है कि सलाहकार धर्मपाल की अनुपस्थिति की वजह से बैठक स्थगित की गई है। जल्द ही निगम की तरफ से नई तिथि निर्धारित की जाएगी।
प्री-बिड बैठक में सभी पार्टियों के कुछ पार्षद व अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। पार्षदों की तरफ से वह प्वाइंट्स तैयार किए जा रहे हैं, जो उन्होंने गोवा के टूर के दौरान प्लांट को देखने पर पाए हैं। जानकारी के अनुसार कांग्रेस वेस्ट-टू-सीएनजी के बजाय वेस्ट-टू-इलेक्ट्रिसिटी की वकालत करेगी। आम आदमी पार्टी प्लांट के विरोध में कायम है। कांग्रेस भी डड्डूमाजरा में प्लांट लगाने के खिलाफ आ गई है।
प्री-बिड में अपने प्वाइंट्स रखने की बात पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने भी की थी। प्लांट को लेकर जब उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, तो उन्होंने पार्षदों को कहा था कि वह अपने-अपने मुद्दे प्री-बिड की बैठक में रखें, ताकि उन पर चर्चा हो सके। बताया जा रहा है कि इस प्री-बिड बैठक में वह कंपनी भी शामिल हो सकती है, जो गोवा में प्लांट चला रही है।
इस पर मेयर अनूप गुप्ता ने कहा कि प्री-बिड बैठक में प्लांट को चलाने की इच्छुक कोई भी कंपनी शामिल हो सकती है। बैठक में कई पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। जो भी आपत्ति और सुझाव मिलेंगे, उन पर हाई पावर कमेटी में उचित फैसला लिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि कई ऐसी कंपनियां भी होती हैं जो सीधे टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेती हैं।
प्लांट के पर्यावरण मंजूरी के लिए प्रक्रिया शुरू
डड्डूमाजरा में लगने वाले इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित होने में अभी दो से ढाई साल का समय है, लेकिन प्लांट के लिए पर्यावरण संबंधी मंजूरी के लिए नगर निगम ने अभी से फाइल चलानी शुरू कर दी है। पर्यावरण मंजूरी में कई महीने लगते हैं, इसलिए नगर निगम ने अभी से प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि नगर निगम के अधिकारियों का मानना है कि डड्डूमाजरा में जिस जगह पर प्लांट लगना है, वहां के लिए पर्यावरण मंजूरी आसानी से मिल जाएगी, क्योंकि मास्टर प्लान में भी प्लांट के लिए वही जगह तय है।
दोपहर में चली तेज हवाएं, लोग बोले- ऐसा लगा डंपिंग ग्राउंड पर बैठे हैं
मंगलवार को दोपहर के समय चली तेज हवाओं ने डड्डूमाजरा के लोगों का सांस लेना मुश्किल कर दिया। हवाओं का रुख डड्डूमाजरा में रहने वाले लोगों के घरों की तरफ था, जिसकी वजह से लोगों को भयंकर बदबू का सामना करना पड़ा। डंपिंग ग्राउंड की दीवार के पास में रहने वाले लोगों की शिकायत रही कि कचरा व लिफाफे भी उड़कर उनके घरों के दरवाजे तक आए। स्थानीय दयाल कृष्ण ने कहा कि बारिश आने से पहले जो तेज हवा चली, उस दौरान ऐसा लगा कि लोग डंपिंग ग्राउंड पर ही बैठे हैं। उन्होंने कहा कि डंपिंग ग्राउंड के पास ही एक और कचरे का तीसरा पहाड़ बन रहा है। इस पर भी नगर निगम को ध्यान देना चाहिए।
पोस्टर लेकर खड़े हुए पन्नू, सभी पार्टियों को ठहराया दोषी
किसान आंदोलन में काफी सक्रिय रहे मलोया के एमएल पन्नू डंपिंग ग्राउंड के पास एक पोस्टर लेकर खड़े रहे। पोस्टर पर लिखा था कि ''विकास की चिड़िया के नाम पर विनाश का हाथी''। उन्होंने कहा कि डंपिंग ग्राउंड को लेकर कांग्रेस, आप, भाजपा सभी वोट बैंक के लिए लगे हुए हैं। असल में कोई हल कराना ही नहीं चाहता। अगर ऐसा होता तो क्यों नहीं अब तक कोई पार्टी डंपिंग ग्राउंड के पास धरना देती और पक्का मोर्चा लगाती। बता दें कि किसान आंदोलन व पहलवानों के प्रदर्शन के दौरान भी पन्नू व उनके पिता शहर के अलग-अलग चौक पर पोस्टर लेकर खड़े रहते थे।