जीरकपुर। गांव सिंघपुरा की एक बहुकरोड़ी जमीनी विवाद के मामले में हाईकोर्ट द्वारा एक दस्तावेज की जांच के लिए साइबर सेल मोहाली की एक टीम ने जीरकपुर स्थित एक नामी बिल्डर के 2 दफ्तरों की कम्प्यूटरों की जांच करने के आदेश दिए है। वहीं, इन आदेशों पर कार्रवाई करते हुए शनिवार को साइबर सेल मोहाली की टीम ने बिल्डर गोल्डन सैंड के दफ्तर में घंटों की जांच की। खबर लिखे जाने तक साइबर सेल की टीम देर रात तक बिल्डर के दफ्तर में कम्प्यूटरों की जांच में जुटी रही।
आलमजीत सिंह मान ने बताया कि उनके द्वारा एमएमडी कंपनी को गांव सिंघपुरा में अपने हिस्से की जमीन करीब 11 हजार गज बेची थी, परन्तु कंपनी ने निर्धारित समय पर जमीन की रजिस्टरी नहीं करवाई। वहीं, कंपनी ने सिर्फ 4700 गज जमीन की रजिस्टरी करवा दी जबकि एग्रीमेंट किया गया कि जमीन की पूरी रजिस्टरी होने के बाद पजेशन दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक स्कीम के तहत कंपनी के एक पार्टनर सज्जन अग्रवाल ने उसे अपना 4 प्रतिशत हिस्सा 26 जुलाई 2018 में बेचा था। सज्जन अग्रवाल द्वारा उससे 67 लाख रुपये वसूल करने के बाद एमएमडी कंपनी का एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें कंपनी के 3 पार्टनरों के हस्ताक्षर मौजूद थे। इसमें जमीन बेचने की सहमति पर रजिस्टरी करवाने का दावा किया गया था। आरोप है कि पैसे वसूलने के बावजूद उन्होंने न रजिस्टरी करवाई गई और न ही उसके पैसे वापस किए।
बाद में कंपनी के दो पार्टनर ने उसके खिलाफ एक झूठा केस दर्ज करवा दिया कि कंपनी का यह दस्तावेज उनके द्वारा तैयार किया गया है, जिसे लेकर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और बताया कि यह दस्तावेज उक्त कंपनी के गाजीपुर स्थित प्रोजेक्ट गोल्डन सैंड में उन्हें फंसाने के लिए अपने दफ्तर में तैयार किया गया है। अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को दफ्तर की जांच करने के निर्देश दिए, जिसके चलते शनिवार को एक टीम ने दफ्तरों की जांच की।
आलमजीत मान का यह भी आरोप है कि स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन गोल्डन सैंड के मालिक अमित नंदा, संजीव खन्ना, पवन शर्मा और जसमेर सिंह से मिले हुए हैं और इनकी आड़ में ये लोगों के साथ धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
कोट
आलमजीत मान के खिलाफ हमने धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। जमानत के लिए आलमजीत मान ने एक दस्तावेज पेश करने का दावा किया है कि उक्त फर्जी दस्तावेज उनकी कंपनी में तैयार हुआ है परन्तु हाईकोर्ट में उनकी तरफ से जांच में सहयोग करने के लिए खुद एफिडेबिट देकर दफ्तर की जांच करने की मंजूरी दी। इसके बाद ही शनिवार को साइबर सेल की टीम ने उनके दफ्तर के रिकार्ड की जांच की। आरोप है कि यह दस्तावेज आलमजीत मान ने सज्जन अग्रवाल के साथ मिलीभगत करके फर्जी तैयार किया है, जिसके प्रमाण सामने आते ही आलमजीत सिंह मान के खिलाफ दर्ज केस में अन्य धाराओं का जोड़ा जाएगा। -अमित नंदा, एमडी, गोल्डन सैंड, जीरकपुर।