मोहाली के फेज-5 में ओला कैब के ड्राइवर मनोज की हुई हत्या के मामले में पुलिस अभी तक अंधेरे में है। सीआईए स्टाफ ने मामले में फेज-5 से 10 लोगों को राउंडअप किया है। इसमें फूलवालों से लेकर ढाबों और चिकन कार्नर के मुलाजिम शामिल हैं। इनसे पुलिस कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। इसके अलावा पुलिस ने हत्या वाली रात कॉल डिटेल का डंप लिया है। उसको भी खंगाला जा रहा है। वहीं, उस समय में लोग इलाके में सक्रिय थे, उनसे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का मानना है कि लूट को लेकर ड्राइवर की हत्या नहीं हुई है। क्योंकि उसकी जेब में पांच हजार व मोबाइल फोन आदि थे। जिसे किसी ने छीना नहीं है। ऐसे में पुलिस यह मानकर चल रही है कि यह मामला रंजिश का है। हालांकि यह लोग कौन हो सकते है पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों से पूछताछ की गई उन्हें अभी तक क्लीन चिट नहीं दी गई है।
हमले वाली जगह बनी पहेली
दूसरी तरफ पुलिस को अभी तक यह भी पता नहीं चल पाया है कि आखिर टैक्सी चालक मनोज पर हमला कौन सी जगह पर हुआ था। वह कहां से गाड़ी लेकर फेज-5 मार्केट में पहुंचा था। पुलिस वाले सिविल ड्रेस में जाकर इस बात की पड़ताल कर रहे हैं। लोगों से पूछताछ की जा रही है।
सीआईए की कार्रवाई से मार्केट वालों में दहशत
मंगलवार रात जिस तरह फेज-5 से सीआईए स्टाफ ने लोगों को राउंडअप कर उठाया था। उससे इलाके के लोगों में दहशत है। इतना ही नहीं एक ढाबे के तो पूरे मुलाजिम ही सीआईए स्टाफ उठाकर ले गया था। जिससे ढाबा पूरा दिन बंद रहा। लोगों ने बताया कि पुलिस वाले शाम छह बजे से वहां पर सिविल ड्रेस में पहुंच गए थे। वहीं, मार्केट के दुकानदार भी पुलिस की कार्रवाई से नाखुश है।