डेराबस्सी के गांव समगोली में चार दशक पुराने जमीनी विवाद ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब दोनों गुटों के बीच करीब एक महीने पहले हुए संघर्ष में घायल एक व्यक्ति की पीजीआई में मौत हो गई। पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट मृतक के परिजनों ने थाने के बाहर धरना देते हुए आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। हालांकि, मामले में 93 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है। लेकिन, महिंदर की मौत के बाद अब एक पक्ष के खिलाफ धारा 302 जोड़कर उसके दो लोगाें को मंगलवार गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार, गांव समगोली में 303 बीघे जमीन को लेकर दो गुटों में लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस जमीन को लेकर कब्जाधारी गुट और मालिकी गुटों के बीच कई बार झगड़ा हो चुका है। 21 अप्रैल को एक गुट जमीन में गेहूं की फसल काटने के लिए मशीन लेकर गया। इस दौरान दूसरे गुट ने इसका विरोध किया। दोनों के बीच हुए विवाद ने कुछ ही देर में खूनी रूप धारण कर लिया। दोनों के बीच तेजधार हथियारों से खूनी झड़प हुई। इसमें दोनों पक्षों की ओर से 14 लोग घायल हुए थे। इनमें से कई घायल अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। कब्जाधारी गुट ने आरोप लगाया था कि विरोधी गुट ने उन पर फायरिंग भी की थी। इसमें उनके गुट के महिंदर सिंह (54) और मेघराज निवासी गांव समगोली को गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती करवाया गया था, जहां सोमवार देर शाम महिंदर की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के बेटे रमन के बयान पर मनीष, गुलाब, चरण सिंह, उदयप्रताप सिंह, विश्वप्रताप सिंह, परमजीत, टीनू और चंडीगढ़ अपार्टमेंट के श्रीवास्तव प्रॉपर्टी डीलर के अलावा 70 अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले के आरोप में केस दर्ज है। शिकायत में रमन ने कहा कि पीजीआई में दाखिल महिंदर व मेघराज को बुलेट इंजरी आई है। थाना प्रभारी दीपइंदर सिंह के अनुसार, महिंदर सिंह महीनेभर से पीजीआई में दाखिल था, जहां सोमवार देर शाम उसकी मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम बुधवार को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक पक्ष के खिलाफ धारा 302 जोड़कर आरोपियों में से मुनीष कुमार और उदय प्रताप सिंह उर्फ टोनी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उधर, दूसरे पक्ष से घायल मनीष कुमार का आरोप था कि उनका परिवार 40 एकड़ जमीन का काश्तकार है। उसमें चार एकड़ जमीन में फसल काटने गए थे। इस दौरान रमन, बिल्ला, महिंदर सिंह, राजपाल सिंह, मेघराज, पिंटू, महावीर, रिंकू, टिंकू और उनके सात अज्ञात साथियों ने तेजधार हथियारों से हमला बोल दिया। पुलिस ने उसके बयान पर 16 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले व कब्जा करने के प्रयास के आरोप में केस दर्ज किया हुआ है।