राज्य की मौजूदा सरकार की ओर से गरीब परिवारों को सस्ते मूल्य पर अनाज देने के लिए आटा-दाल स्कीम शुरू की गई। स्कीम के तहत गरीब परिवारों को गेहूं और काले चन्ने कम मूल्य पर दिए जाते हैं। लेकिन इस स्कीम को जमकर धांधली हो रही है। इसका खुलासा सोमवार को हुआ। जब वार्ड-14-15 की बडाली रोड गोहर में एक ढेर पर गरीबों को कम मूल्य पर दिए जाने वाले काले चनो की पैकिंग के सैकड़ों लिफाफे पड़े मिले। शहर वासियों ने इस संबंध में विभाग और सरकार से जांच की मांग की है कि इतनी काटी गई पैकिंग के काले चने कहा गए।
जानकारी के अनुसार, बडाली रोड गोहर पर एक कूड़े के ढेर पर सोमवार को 200 से ज्यादा छोलो की पैकिंग के लिफाफे पड़े थे। पैकेट तेजधार कटर से काटकर खाली किए गए थे। लोगों ने बताया कि इतने लिफाफे एक-दो परिवारों ने नहीं फेंके हैं, बल्कि किसी ने गरीबों को दिए जाने वाले इन काले छोलों को निकालकर पैकिंग फेंकी है। इन लिफाफों पर पंजाब सरकार द्वारा रिआयती दरों पर उपलब्ध काला चना लिखा हुआ है और पनसन की ओर से यह चने उपलब्ध करवाए गए हैं। प्रत्येक पैकिंग में एक किलो काले चने होने का वजन भी लिखा हुआ है और उसका मूल्य 30 रुपये भी अंकित है। दूसरी तरह शहर वासियों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।
क्या कहते हैं अधिकारी
मामले की जानकारी नहीं है। अब मामला उनके संज्ञान में आ गया है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हरदीप सिंह, फूड सप्लाई अफसर