शहर के अकाली नेता को घर बैठे 20 से 50 हजार रुपये महीने कमाने का सपना देखना महंगा पड़ गया। कंपनी के विज्ञापन के झांसे में आकर उसने भुगतान कर दिया, लेकिन जब कंपनी ने उसे पार्सल भेजा तो उसमें सिम व चेक की जगह मिट्टी निकली। अकाली नेता ने इस संबंध में थाना खरड़ पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अकाली दल के सर्किल प्रधान दविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने एक अखबार में इश्तिहार पढ़ा था कि घर बैठे 20 से 50 हजार रुपये कमाएं। वह कंपनी के विज्ञापन को देखकर प्रभावित हो गए। उन्होंने इस संबंध में कंपनी के दिए नंबर पर फोन किया।
फोन उठाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम राजीव कुमार बताया। उसने स्कीम के बारे में जानकारी दी। साथ ही कहा कि आपके घर एक पार्सल भेजा जाएगा, जिसमें 10 हजार रुपये व एक सिम कार्ड होगा। 10 हजार से आपको फोन खरीदना होगा।
वहीं, उक्त फोन से कंपनी की प्रमोशन के लिए रोजाना 150 मैसेज करने होंगे। इससे घर बैठे ही वह 20 से 50 हजार रुपये महीना कमा सकेंगे। उनकी बातों में आकर दविंदर इस काम में रुचि दिखाई। इसके बाद अगले ही दिन एक व्यक्ति पार्सल लेकर उनके घर पहुंचा। दविंदर ने पार्सल लेकर उस व्यक्ति को 2100 रुपये दे दिए। जब उन्होंने पार्सल खोला तो डिब्बे से मिट्टी निकली।