मोहाली में फर्जी डिग्री व सर्टिफिकेट बनाने के मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कई नए राज सामने आए हैं। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी एसके अग्रवाल दूसरे आरोपी संजय को जो खाली आंसरशीट देता था। वह कर्नाटक यूनिवर्सिटी की होती थीं। वहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि यह यूनिवर्सिटी काफी समय पहले ही बंद हो चुकी है। ऐसे में वह फर्जी डिग्री तैयार करके लोगों को देकर ठग लेते थे। पिछले एक साल से यह यूनिवर्सिटी किसी भी तरह के दाखिले नहीं कर रही थी। वहीं, पुलिस का कहना है आरोपी एसके अग्रवाल से पुलिस को काफी सामान बरामद हुआ था, जिनकी जांच की जा रही है। दूसरी तरफ आरोपी गुरप्रीत, गुरविंदर व एसके अग्रवाल को पुलिस ने बुधवार अदालत में पेश किया। इसके बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, पुलिस का दावा है कि यह गिरोह काफी समय से इलाके में काफी समय से सक्रिय है। वही, जल्द ही इस मामले में और भी लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो पहले पकडे़ गए आरोपियों को दोबारा रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
जिन संस्थानों की डिग्रियां मिली वहां जाएगी पुलिस टीम
पुलिस के मुताबिक पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़, मानव भारती यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश, मुनाड यूनिवर्सिटी दिल्ली रोड, हापुड़ यूपी, बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी यूपी, काउंसिल फार दा इंडियन स्कूल, सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन नई दिल्ली व सीबीएसई दिल्ली के संस्थान की फर्जी डिग्रियां मिली थीं। इनकी जांच के लिए जल्द ही पुलिस विभाग एक टीम भेजेगा, ताकि पता चल सके कि इन संस्थानों का व्यक्ति इसमें शामिल तो नहीं है।