जिला उपभोक्ता फोरम ने लाखों रुपये लेकर फ्लैट का पजेशन नहीं देने के मामले में सेक्टर-68 स्थित पंचम को-ऑपरेटिव एचबीएस लिमिटेड के खिलाफ फैसला सुनाया है। फोरम ने कंपनी को सेवाओं में कोताही का दोषी करार दिया है। साथ ही उपभोक्ता से फ्लैट के लिए सात लाख 67 हजार रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने के आदेश दिए हैं। वहीं, सोसाइटी को पचास हजार रुपये मुआवजे के रूप में उपभोक्ता को देने होंगे। इस संबंध में फोरम में केस सेक्टर-51 पैराडाइज एनक्लेव निवासी जसपाल सिंह जौहर ने दायर किया था।
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस कंपनी ने एक हाउसिंग स्कीम निकाली थी। जिसमें कहा था कि सोसाइटी का मेंबर बनने पर फ्लैट अलॉट किए जाएंगे। उन्होंने 24 फरवरी 1999 को उन्होंने मेंबरशिप के लिए आवेदन किया। उन्हें 635 मेंबरशिप नंबर अलॉट कर दिया। वहीं, उन्होंने मेंबरशिप के लिए 2 लाख 17 हजार की पेमेंट कर दी। इसके बाद सोसाइटी की तरफ से उन्हें एचआईजी कैटेगरी में 1410 वर्ग गज कर फ्लैट अलॉट कर दिया। वहीं, इसके बाद उन्होंने मार्च-2005 में कंपनी के खाते में फ्लैट की कीमत के रूप में 5 लाख 50 हजार की राशि जमा करवा दी। फ्लैट की कुल कीमत 10 लाख 70 हजार तय की गई थी। वहीं, 2005 तक उन्होंने 7 लाख 67 हजार का भुगतान सोसाइटी को कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने जब उक्त सोसाइटी के प्रबंधकों से पूछताछ की तो वह बहानेबाजी करने लगे। आखिर में उन्हें फ्लैट अलॉट करने से मना कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने इस संबंध में असिस्टेंट रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटीज में केस दायर किया गया। केस उनके पक्ष में आया। साथ ही कंपनी को शिकायतकर्ता को फ्लैट देने के आदेश दिए गए। काफी समय बीत जाने के बाद भी उन्हें फ्लैट नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने उन्हें कानूनी नोटिस भेजा। लेकिन, कोई जवाब नहीं आया। फिर उन्होंने उपभोक्ता फोरम में केस दायर किया था।