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दिल्रपीत मामला

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परमीश पर हमले के बाद गैंगस्टरों ने ली 20 लाख की रंगदारी!
सबहेड
पंजाब पुलिस की जांच में यह खुलासा होने का दावा, परमीश से हो सकती है पूछताछ

पुलिस सूत्रों का दावा, परमीश वर्मा पर दिलप्रीत ने नहीं लक्की और बुड्ढा ने चलाई थीं गोलियां

अमित शर्मा/विशाल शंकर
मोहाली। गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब पंजाब पुलिस के विश्वस्त सूत्रों ने एक और खुलासा किया है। खुलासे के मुताबिक सिंगर, एक्टर व डायरेक्टर परमीश वर्मा पर अप्रैल महीने में सेक्टर-91 में हुए जानलेवा हमले के बाद परमीश के जानकारों से गैंगस्टरों ने 20 लाख रुपये की रंगदारी ली थी। रंगदारी की इस रकम में से 10 लाख रुपये गैंगस्टर दिलप्रीत को मिले थे जबकि शेष 10 लाख रुपये उसका साथी लक्की ले गया था। हालांकि तब इस मामले में परमीश वर्मा ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया में रंगदारी न देने की बात भी कही थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस खुलासे के बाद पुलिस अब इस बात की तस्दीक में जुट गई है कि क्या वाकई हमले के बाद परमीश के जानकारों ने 20 लाख की फिरौती दी थी। सूत्रों का कहना है कि इस बाबत पूछताछ के लिए परमीश को भी बुलाया जा सकता है।
उधर, स्टेट ऑपरेशन सेल के सूत्रों का दावा है कि परमीश पर हमले के दौरान गोलियां दिलप्रीत ने नहीं बल्कि दिलप्रीत के शूटर लक्की और बुड्ढा ने बरसाई थीं। जानकारी के मुताबिक दिलप्रीत के पहले पकड़े गए साथियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है। अब पुलिस की टीम लक्की और बुड्ढा को काबू करने की तैयारी में है।
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जिक्रयोग है कि 13 अप्रैल की रात को जब परमीश वर्मा चंडीगढ़ से अपने घर सेक्टर-91 वापस आ रहे थे तो उन पर कार सवार युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया था। इसमें परमीश वर्मा घायल हो गए थे और खुद ही कार चलाकर अपनी जान बचाई थी। सूचना मिलते ही एसएसपी कुलदीप चाहल मौके पर पहुंचे थे और परमीश वर्मा को अस्पताल में दाखिल करवाया था। हमले के कुछ देर बाद फेसबुक पर गैंगस्टर दिलप्रीत ने परमीश वर्मा पर हुए हमले की जिम्मेवारी ली थी। उसने इस हमले को ट्रेलर बताया था। इसके बाद इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 पुलिस चौकी में दिलप्रीत के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने दिलप्रीत का साथ देने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।

गिप्पी को भी रंगदारी के लिए लक्की ने की थी कॉल
पुलिस सूत्रों से पता चला है कि सिंगर गिप्पी ग्रेवाल की फिल्म ‘कैरी ऑन जट्टा-2’ के रिलीज होने के मौके पर रंगदारी के लिए जो कॉल दिलप्रीत की ओर से की गई थी, असल में वह कॉल उसके शूटर लक्की ने की थी। जब दिलप्रीत को इसका पता चला था तो उसने फेसबुक पर अपनी सफाई दी थी कि उसकी ओर से गिप्पी ग्रेवाल को कोई कॉल नहीं की गई है। उसने कहा था कि वह इस प्रकार का काम नहीं करता, उसे जानबूझ कर बदनाम किया जा रहा है। फेसबुक पर उसने गिप्पी को सलाह दी थी कि वह गैंगस्टरों की महिमा का गुणगान करने वाले गीत न गाएं।

हरियाणा के बब्बू गैंग से भी थे दिलप्रीत के संबंध
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि गैंगस्टर दिलप्रीत का हरियाणा के बब्बू गैंग से भी संबंध थे। बद्दी एरिया में दोनों गैंग ने कई जगहों पर मिलकर काम भी किया। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। पता चला है कि दिलप्रीत के लिए पंजाब भर में करीब 60 लोग काम कर रहे थे।

दिलप्रीत की महिला मित्रों को भेजा न्यायिक हिरासत में, विपिन रिमांड पर
मोहाली। दिलप्रीत को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार की गईं उसकी महिला मित्र हरप्रीत कौर और रूपिंदर कौर को रविवार को पांच दिन का रिमांड खत्म होने पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने स्पेशल ऑपरेशन सेल की तर्कों को सुनने के बाद दोनों महिलाओं को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जबकि शनिवार को बद्दी से पकड़े गए दिलप्रीत के साथी विपिन को अदालत में पेश किया गया। अदालत को बताया गया कि विपिन एमबीए पास है। वह प्रापर्टी और कबाड़ का काम करता है। साथ ही यह दिलप्रीत के लिए भी काम करता था और रंगदारी लेने के लिए उद्योगपतियों की निशानदेही करता था। इसके बाद दिलप्रीत व्हाटसएप कॉल करके उद्योगपतियों से रंगदारी मांगता था। अगर इससे गहराई से पूछताछ की जाए तो कई राज खुल सकते हैं। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने विपिन को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
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रंगदारी के लिए करते थे इंटरनेट कॉल, डोंगल बेचने वाले दुकानदार की तलाश शुरू
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रंगदारी मांगने के लिए इंटरनेट से कॉल करते थे। साथ ही व्हाट्सएप से भी फोन करते थे। इसके अलावा एक विशेष सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते थे। इसके लिए दिलप्रीत को अरुण ने यमुनानगर से लेकर एक डोंगल मुहैया करवाया था। अब पुलिस उस दुकानदार से पूछताछ करने की तैयारी में है, जिसने डोंगल बेचा है।
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