अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। रामगढ़ सड़क पर स्थित एक भट्टे पर काम करने वाले एक मजदूर के दो सालों के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने मुबारकपुर स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बच्चे के अभिभावकों का कहना है कि गलत इंजेक्शन के कारण उनके बच्चे की मौत हुई है। पुलिस इस मामलेे की जांच कर रही है। मुबारकपुर पुलिस चौकी के एएसआई हरनेक सिंह ने बताया कि मृतक बच्चे के नाना बरिंदर ने दी शिकायत में आरोप लगाया है कि वह एकेएम ईंटों के भट्टे पर परिवार के साथ रहता है। 1 जनवरी को राजवीर पर गर्म चाय गिर गई थी, जिस का इलाज वह देसी दवा के साथ ही कर रहे थे। वीरवार की सुबह राजवीर की हालत ख़राब होने पर वह राजवीर को मुबारकपुर स्थित गुप्ता क्लीनिक में ले गए, जहां डाक्टर की तरफ से लगाए इंजेक्शन के बाद राजवीर की मौत हो गई। दूसरी ओर उक्त क्लीनिक के डाक्टर संजीव गुप्ता ने बताया कि बच्चा उल्टियां कर रहा था, जिसकी हालत ज्यादा ख़राब थी, जिसके चलते उन्होंने बच्चे के परिवार को बच्चे को चंडीगढ़ लेकर जाने के लिए कह दिया था। इस दौरान बच्चे की मां उन्हें मिन्नतें करने लग पड़ी कि चंडीगढ़ तक बच्चा ठीक पहुंच जाए। इसके चलते उन्होंने बच्चे की उल्टियां रोकने वाला पैरीनोम दवा का इंजेक्शन लगाकर बच्चे को चंडीगढ़ लेकर जाने के लिए उसके अभिभावकों से कह दिया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई इंजेक्शन नहीं लगाया, जिस कारण बच्चे की मौत हो जाए। उन्होंने दावा करते कहा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने पर सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।