‘चंडीगढ़ पुलिस के ढीले रवैये से लटका सिप्पी सिद्धू केस’
सिप्पी सिद्धू की तीसरी बरसी पर मीडिया से रूबरू हुए परिजन
कहा- पहले दिन से आरोपियों के बारे में बता रहे हैं, लेकिन पुलिस ने नहीं सुना तर्क
अब सीबीआई पर ही है सारी उम्मीदें, जल्दी ही आरोपी जाएंगे सलाखों के पीछे
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। चंडीगढ़ में मारे गए अंतरराष्ट्रीय शूटर सिप्पी सिद्धू की मौत को वीरवार तीन साल हो गए। इस दौरान सिप्पी के परिवार वाले मीडिया से रूबरू हुए। नौजवान बेटे को खोने का दर्द परिजनों के चेहरों पर साफ झलक रहा था। सिप्पी की मां दीपिंदर कौर व छोटे भाई जिप्पी सिद्धू का कहना था कि चंडीगढ़ पुलिस के ढीले रवैये के चलते यह केस लटक गया है। आरोपी अभी तक खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस सबकुछ जानते हुए भी अनजान बनी है। अब मामले की जांच सीबीआई कर रही है। उन्हें उम्मीद है कि आरोपी जल्दी ही सलाखों के पीछे होंगे। सिप्पी की 20 सितंबर 2015 की रात को सेक्टर-27 के पार्क में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
फेेज-3बी2 स्थित अपने आवास पर मीडिया से रूबरू हुए होते सिप्पी सिद्धू की मां दीपिंदर कौर ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ पुलिस के कुछ सीनियर अधिकारी इस केस को हल करने के इच्छुक नहीं थे। अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि वे दबाव में थे इसलिए वे आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सके।
परिवार वालों ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के नाम के अलावा साक्ष्य तक छुपाए हैं। इसके बाद उन्होंने इस मामले मेें केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया था कि सीबीआई अपनी जांच पूरी करेगी। परिवार वालों ने बताया कि हत्या के बाद पुलिस ने सिप्पी के लैपटॉप और आई-फोन को अपने कब्जे में लिया था। लेकिन हमें कभी नहीं बताया गया कि इससे क्या हासिल कर चुके हैं। हमें सीबीआई के अधिकारियों से पता चला है कि पुलिस ने उन्हें महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी है जिससे उन्हें केस हल करने में दिक्कत आ रही है। वे पहले दिन से बता रहे हैं कि हत्या के पीछे कौन है लेकिन कोई भी उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है।
जिक्रयोग है कि सिप्पी हत्या की जांच जनवरी, 2016 में सीबीआई को ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद सीबीआई द्वारा मामले की जांच की जा रही है।