अवैध माइनिंग कराने वाले जमींदारों पर दर्ज होंगे केस
एडीसी मान के नेतृत्व में अवैध खनन का जायजा लेने अफसरों ने किया दौरा
मुख्यमंत्री की कार्रवाई के बाद सख्त हुआ प्रशासन, अवैध खनन रोकने के लिए पुलिस ने लगाए नाके
माल विभाग को अवैध खनन कराने वाले जमींदारों की पहचान कर तय समय में रिपोर्ट देने के निर्देश
पुलिस ने नाजायज माइनिंग के आरोप में चार केस किए दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
डेराबस्सी।
सूबे में अवैध खनन मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के एक्शन के बाद सब डिवीजन डेराबस्सी में प्रशासनिक अधिकारी भी सख्त हो गए हैं। अवैध खनन को रोकने के लिए संभावित स्थानों में पुलिस नाके लगा दिए गए हैं। अवैध खनन का जायजा लेने के लिए शनिवार को एडीसी चरनदेव सिंह मान के नेतृत्व में एसपी (डी) हरबीर सिंह अटवाल, जिला माइनिंग अफसर सिमरप्रीत कौर ढिल्लों, नायब तहसीलदार कर्मजीत सिंह, बीएलओ बलजीत सिंह, थाना प्रभारी महेंदर सिंह व मुबारिकपुर पुलिस चौकी इंचार्ज भिंदर सिंह ने मुबारिकपुर, बाकरपुर और जीरकपुर में अलग अलग स्थानों का दौरा किया। इस दौरान एडीसी ने माल विभाग को अवैध माइनिंग कराने वाले जमींदारों की पहचान कर तय समय में पूरी रिपोर्ट देने को कहा है। वहीं पुलिस की ओर से माइनिंग विभाग की शिकायत पर डेराबस्सी और जीरकपुर में चार केस दर्ज किए गए हैं। इनमें गरेवल का स्टॉक करने, मिट्टी की अवैध माइनिंग, जीरकपुर में बिना मंजूरी के बेसमेंट की खुदाई के अलावा हरियाणा से आने वाले दो टिप्परों को जब्त करना शामिल है। जीरकपुर पुलिस ने विभाग की शिकायत पर सिंघपुरा में अवैध तरीके से बेसमेंट की खुदाई कर माइनिंग करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर मशीनरी को कब्जे में ले लिया है।
थाना प्रमुख इंस्पेक्टर महेंदर सिंह ने कहा कि मुबारिकपुर रोड पर गांव ककराली बीच में एक मैरिज पैलेस में अज्ञात लोगों ने गरैवल का स्टॉक कर रखा था। जांच के दौरान मौके पर कोई व्यक्ति सामने नहीं आया। पुलिस ने अज्ञात मालिकों के खिलाफ केस दर्ज कर माल विभाग को इस जमीन के मालिक की जानकारी देने को कहा है। जमीन मालिक का नाम सामने आने पर उसको केस में नामजद किया जाएगा। इसके अलावा शुक्रवार रात पुलिस ने हरियाणा से गरैवल लाए दो टिप्परों को जब्त कर लिया है। इसी तरह गांव कुड़ांवाला में मिट्टी की अवैध माइनिंग करने के आरोप में दो जमीन मालिकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
45 जमींदारों को नोटिस भेजकर मांगा जवाब
जिला माइनिंग अफसर सिमरप्रीत कौर ढिल्लों ने कहा कि जमीन से अवैध माइनिंग की रिकवरी के लिए 45 जमींदारों को नोटिस जारी कर एक महीने में जवाब देने को कहा गया है। नियम के मुताबिक मिट्टी की नाजायज माइनिंग के लिए 10 रुपये टन, रेत की तीस रुपये और गरैवल की साठ रुपये टन वसूल किया जाएगा। इसके अलावा नाजायज तौर पर माइनिंग कराने के लिए बीएलओ को संबंधित जमींदारों के खिलाफ केस दर्ज कराने की हिदायत की गई है। बीएलओ ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अवैध स्टाक रखने वाले क्रशरों, स्क्रीनिंग प्लांटों और दूसरे लोगों को माल के बिल पेश करने को कहा गया है, यदि बिल न पेश किए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं
माइनिंग विभाग द्वारा इस क्षेत्र में नाजायज माइनिंग न होने का दावा किया जा रहा था। लेकिन सीएम की कार्रवाई के बाद शनिवार को पहुंची टीम को अवैध खनन वाले स्थानों का खुद पता लग गया, जो प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाता है। अधिकारी अब खुद को बचाने के लिए जुट गए हैं। अभी भी प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ जमीन मालिकों और टिप्पर चालकों तक ही सीमित है, जबकि बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ विभाग चुप्पी साधे बैठा है। इस बारे में जिला माइनिंग अफसर ने कहा कि जमींदार अपने बयानों में अवैध खनन करने वाले जिस व्यक्ति का नाम लेंगे, उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
कैप्शन -प्रशाशनिक अधिकारी नाजायज माइनिंग का जायजा लेते हुए।