ढकोली पुलिस पर धक्केशाही करने का आरोप
शिकायतकर्ता ने शोरूम की रजिस्ट्री न करने वालों का साथ देने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
डेराबस्सी।
पंचकूला निवासी एक व्यक्ति ने ढकोली चौकी इंचार्ज एसआई जगजीत सिंह पर धक्केशाही करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता गौतम कालड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया कि एक प्रापर्टी विवाद में चौकी इंचार्ज ने दूसरी पार्टी की मदद की और उनके कब्जे वाले शोरूम पर उनका कब्जा करवा दिया। जबकि अदालत की ओर से स्टे लगाई हुई है। उन्होंने इस मामले की पुलिस के उच्च अधिकारियों को शिकायत करने की बात कही है। दूसरी तरफ ढकोली पुलिस ने सभी आरोपों को नकार दिया है।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गौतम कालड़ा ने बताया कि पंचकूला निवासी एक पति-पत्नी से 100 गज का एक शोरूम ढकोली के नीलकंठ प्लाजा में 70 लाख रुपये में खरीदा था। उस समय साल 2014 के सितंबर महीने में बतौर बयाना 55 लाख रुपये मालिकों को देकर कथित तौर पर कब्जा ले लिया था। एक साल बाद 2015 नवंबर में रजिस्ट्री करवाने की तारीख निर्धारित हुई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दोनों पति-पत्नी निर्धारित समय पर रजिस्ट्री करवाने के लिए नहीं पहुंचे जबकि वह स्टांप पेपर खरीद कर तहसील में इंतजार करते रहे। उस समय नियम अनुसार तहसील में उसने अपनी उपस्थिति लगवा दी गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मालिकों ने उनके ताले तोडक़र कब्जा करने की कोशिश की जिस पर उन्होंने जीरकपुर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करवा दिया। गौतम कालड़ा ने आरोप लगाया कि उक्त लोगों द्वारा दोबारा पुलिस की मिलीभगत से शोरूम के ताले तोड़कर कब्जा कर लिया है जबकि पुलिस सरेआम दूसरी पार्टी का साथ दे रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा जबरदस्ती उनके शोरूम की चाबी लेकर विरोधी पार्टी को दी गई है जबकि इस मामले में अदालत में केस विचाराधीन है और स्टे लगी हुई है। इसके बावजूद उन्होंने अदालत के आदेशों की उल्लंघना कर शोरूम पर कब्जा कर लिया, इसकी उन्होंने वीडियो भी बनाई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि पुलिस उन्हें धमकियां दे रही है कि यदि वह शिकायत देने के लिए चौकी में आए तो उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा। इस डर से वह अपनी शिकायत दर्ज करवाने के लिए भी नहीं जा रहे हैं। उन्होंने जल्द इस मामले बारे डीजीपी पंजाब को मिलकर शिकायत करने की बात कही है।
ढकोली पुलिस चौकी के प्रभारी सहायक इंस्पेक्टर जगजीत सिंह ने कहा कि शोरूम पर कब्जा पति-पत्नी का था, लेकिन उक्त व्यक्ति द्वारा उनके ताले तोड़ कर अपना कब्जा कर झूठा केस दर्ज करवा दिया गया। मामले की शिकायत के बारे में अधिकारियों को बताया गया, जिस पर उनके आदेशों पर केस को रद्द कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बीते 4 महीने से शोरूम की चाबियां उनके पास पड़ी थी, जो उन्होंने मालिक पति पत्नी को दे दी। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने अदालत से मिली कोई भी स्टे की कॉपी पुलिस को नहीं दी। उन्होंने बताया कि उक्त पार्टी द्वारा झूठा दर्ज करवाया। केस रद्द न करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। केस रद्द होने के कारण अब वह पुलिस पर झूठे आरोप लगा रहा है। इस बारे में मालिक पति से बात करने पर उन्होंने कहा कि पत्नी से तलाक का केस चल रहा है और शिकायतकर्ता गौतम कालड़ा द्वारा बयाने में 55 लाख रुपये लिखे गए थे, लेकिन उन्हें सिर्फ चार लाख रुपये दिए। 51 लाख रुपये नहीं दिए थे। इस कारण उन्होंने रजिस्ट्री नहीं करवाई थी।