हत्या करने वाले दो युवक काबू, मृतक के पिता के नौ लाख मिलने थे भाई बहनों को
बी फार्मा कर दवाइयां सप्लाई करने का काम करता था शुभम
ढाबे से मिले सुराग के बाद पुलिस के काबू आए आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली/नयागांव। शिवालिक विहार 2 में रहते पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट की उसके घर में ही तेजधार हथियार से हत्या करने के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान शुभम ग्रोवर (20) निवासी गांव बड़ौदा थाना गोहाना हरियाणा हाल निवासी खुड्डा अलीशेर और इस्तेकार खान उर्फ सोनू (24) निवासी रेहाना थाना मिल मुजफरनगर यूपी हाल वासी खुड्डा अलीशेर के रूप में हुई है। इनमें से एक आरोपी शुभम दवाइयों की सप्लाई का काम करता है और इस्तेकार खान अपना सेलून चलाता है। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते हुए एसएसपी कुलदीप सिंह चाहल ने बताया कि राज कुमार पुत्र चरन दास की हत्या के मामले को हल करने के लिए पुलिस की अलग अलग टीमें गठित की गई थी। जिसके बाद पुलिस ने उक्त आरोपियों को नयागांव से गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि आरोपी इस्तेकार खान उर्फ सोनू नयागांव में अपना सेलून चलाता है। इसके सेलून में अक्सर मृतक राजकुुमर आता जाता था और उसके पास बैठता था। लोहड़ी वाले दिन उसकी दुकान पर मृतक राजकुमार आया। इस दौरान उसके सेलून में शुभम ग्रोवर भी बैठा था। उसने बातों बातों में बताया कि उसके पास आने वाले दिनों में करीब तीन लाख रुपये आने वाले हैं। इसके बाद दोनों आरोपियों की नीयत बदल गई। इसके बाद दोनों ने साजिश रची। साजिश के तहत मंगलवार को जब राजकुमार उसके सेलून पर आया तो दोनों आरोपी शाम के समय में उसके साथ उसके घर उसे छोड़ने के लिए चले गए। जैसे ही राजकुमार घर के अंदर दोनों के साथ घुसा तो शुभम ने चाकू से उसपर वार कर दिया। इस दौरान राजकुमार ने भी अपनी जान बचाने के लिए हाथा पाई की और इस दौरान आरोपियों ने किसी तेजधार हथियार से उस पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।
हत्या की और घर से मिले सिर्फ पांच सौ रुपये
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने राजकुमार की हत्या करने के बाद पैसे की पड़ताल के लिए पूरे घर की तलाशी ली पर उन्हें कुछ भी नहीं मिला। पूरा घर खंगालने के बाद उनको राजकुमार की जैकेट में से सिर्फ पांच सौ रुपये मिले जिसे शुभम ने निकाला और मौके से भाग गए।
मृतक के पिता के नौ लाख मिलने थे भाई बहनों को
जानकारी के अनुसार मृतक राजकुुमार के पिता चरनदास की गत साल दिसंबर में मौत हो गई थी। मृतक के पिता भी हाईकोर्ट में काम करते थे। जिन्होंने अपनी पेंशन में से नौ लाख रुपये बैंक में जमा किए हुए थे। जो कि मृतक राजकुमार, बहन विजया कुमारी व भाई नरिंदर सिंह को मिलने थे। जिसमें से राजकुमार के हिस्से में तीन लाख रुपये आने थे।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों में से एक आरोपी शुभम ग्रोवर ने बी फार्मा की हुई थी। कोर्स करने के बाद वह नौकरी की तलाश में चंडीगढ़ आ गया था। अच्छी नौकरी न मिलने के कारण वह दवाइयों की सप्लाई का काम करने लगा था। जबकि इस्तेेकार खान कम पढ़ा लिखा है।
ढाबे से मिले क्लू के बाद पुलिस के काबू आए आरोपी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक राज कुमार की हत्या के बाद पुलिस जब जांच में जुटी तो पुलिस को घर के आसपास से कई क्लू मिले। एक ढाबे में जाकर जब ढाबे वाले से मृतक के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि मृतक उनके पास से ही खाना लेकर जाता था। पुलिस को इस दौरान पता चला कि मृतक ढाबे के अलावा इस्तेकार के सेलून में भी आता जाता था। इसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर सेलून चालक इस्तेखान और उसके दोस्त शुभम को काबू कर लिया। यहीं नहीं राजकुमार के घर के साथ लगते खाली प्लाट में से शुभम की खून से लथपथ चप्पल भी पुलिस ने बरामद ली है।
फैक्ट्री में जिंदा जले मिले व्यक्ति का मामला अभी तक नहीं हुई हल
करीब बीस दिन पहले संदिग्ध हालत में फैक्टरी के अंदर जिंदा जले मिले बलौंगी निवासी नगेंद्र नाम के व्यक्ति के केस में पुलिस ने भले ही हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। लेकिन अभी तक पुलिस किसी भी आरोपी को पकड़ नहीं पाई है। वहीं, मृतक की पत्नी ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की तो वह भी आत्मदाह कर लेगी। महिला का कहना है कि पूरी प्लानिंग के तहत उसके पति को मारा गया है। यह हादसा नहीं था। पुलिस शुरू से ही इसे हादसे का रंग देने में जुटी हुई है।