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इमीग्रेशन फ्रॉड दो पर केस दर्ज

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ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर लाखों की ठगी
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पुलिस ने दो महिला ट्रेवल एजेंटों पर केस किया दर्ज
पहले भी आरोपियों पर दर्ज हो चुका है केस, अब दूसरी जगह किसी और नाम से चला रहीं थी कंपनी
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। शहर में इमीग्रेेशन फ्रॉड के केस कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। पुलिस केस दर्ज होने के बाद कंपनियां शहर में ही किसी दूसरी जगह अलग नाम से ठगी का कारोबार कर रही हैं। ऐसा ही एक मामला फेज-11 में बुधवार को सामने आया। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद कंपनी की मालिक महिला संदीप कौर व अर्मिता के खिलाफ ठगी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस को दी शिकायत में गुरजंट सिंह, गुरदीप सिंह और विजय राठौर निवासी गांव निहाल सिंह वाला, जिला मोगा ने बताया कि उन्होंने एक अखबार में विज्ञापन देख कर फेज-11 के एससीएफ नंबर 75 में चलने वाली कंपनी से संपर्क किया था। कंपनी ने उन्हें वर्क परमिट पर ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में प्रति व्यक्ति 1 लाख 20 हजार रुपये ले लिए। इसके अलावा उनसे उनकी शैक्षिक योग्यता के सर्टिफिकेट, पासपोर्ट व अन्य जरूरी कागजात भी ले लिए। कागजात लेने के बाद कंपनी की मालकिन संदीप कौर व अर्मिता ने उन्हें कहा कि उनके वीजा एंबेसी द्वारा रिफ्यूज कर दिए है। जब उन्होंने एंबेसी द्वारा की गई रिफ्यूजल दिखाने को कहा तो उन्हें कापी नहीं दिखाई। एंबेसी जाकर पता लगाया तो पता चला कि उन्हें रिफ्यूजल भी जाली दिखाई गई।
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शिकायतकर्ताओं के मुताबिक जब उन्होंने संदीप कौर व अर्मिता से अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो वे अपना पहले वाला आफिस बंद करके फरार हो गईं। कुछ दिन बाद पता चला कि संदीप कौर ने उस आफिस के थोड़ी दूरी पर नई कंपनी खोल ली। गुरजंट सिंह ने बताया कि जब उसने उस दूसरी कंपनी में जाकर पैसे मांगने की कोशिश की तो कंपनी की मालिक ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। उन्हें कहा कि गया अगर पैसे मांगे तो वह अपने स्टाफ में रखी हुई लड़कियों से पुलिस को झूठी शिकायत दिलवा कर उन्हें फंसा सकती हैं। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है।
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