विजिलेंस ने आरोपी को पूरी प्लानिंग से दबोचा
केस में कई अधिकारियों और पूर्व सरपंच का नाम भी है शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। गांव मनौली में हुए करोड़ों रुपये के फंड घोटाले के एक आरोपी को विजिलेंस ने काबू किया है। आरोपी की पहचान राजिन्द्र सिंह निवासी गांव दैड़ी के रूप हुई है। उम्मीद हैै कि पूछताछ में मामले में कई राज खुलेंगे। जानकारी मुताबिक करीब सात साल पहले गमाडा द्वारा गांव मनौली की 115 बीघे 10.54 बिसवे जमीन एकवायर की गई थी। उस एकवायर हुई जमीन का वर्ष 2012 में गांव की पंचायत को करीब साढ़े 40 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। यह राशि ग्राम पंचायत द्वारा अपने अलग अलग बैंक खातों में जमा करवाई गई थी। एक बैंक खाता गांव बाकरपुर स्थित प्राईवेट बैंक में उस समय के सरपंच अवतार सिंह के साथ साथ बीडीपीओ, पंचायत सेक्रेटरी की मुहरें व हस्ताक्षरों में खुलवाया गया था। उस खाते में से 25 हजार रुपये से अधिक राशि निकलवाने के लिए तीन खाता होल्डरों के हस्ताक्षर किये जाने जरूरी थे। वर्ष 2016 में दो करोड़ रुपये की राशि ग्राम पंचायत मनौली के पंजाब नेशनल बैंक वाले खाते में से निकलवा कर उस गांव बाकरपुर स्थित प्राईवेट बैंक एचडीएफसी वाले खाते में जमा करवा दी गई। बाद में इस खाते में से एक सीमेंट स्टोर, एक आयरन स्टोर, एक सीमेंट स्टोर को भुगतान करके बंद करवा दिया गया। हैरानी इस बात की रही कि इन फर्मों से कोई सामान की खरीद नहीं की गई बल्कि भुगतान कर दिये गए गए थे। जिसके बाद उस समय के बीडीपीओ जतिन्द्र सिंह ढिल्लों, बीडीपीओ मलविन्द्र सिंह, पंचायत सेक्रेटरी रविन्द्र सिंह, हाकम सिंह, गांव मनौली के पूर्व सरपंच अवतार सिंह, हरदीप सिंह निवासी गांव जुझार नगर (सनौर) जिला पटियाला, बलजिन्द्र सिंह निवासी गांव संतेमाजरा (मोहाली), राजिन्द्र सिंह निवासी गांव बनूड़, गुणतास संधा उर्फ गिन्नी निवासी चंडीगढ़, नवीन कौर ढिल्लों निवासी सेक्टर 69, मोहाली के खिलाफ प्रीवेंशन आफ करप्शन एक्ट की धाराओं 13(1)(ए) तथा आईपीसी की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत केस दर्ज कर लिया है।