सिंचाई घोटाले में ठेकेदार की प्रॉपर्टी की जांच करेगी विजिलेंस
विजिलेंस ने आरोपियों का रिमांड खत्म होने पर अदालत में किया पेश
अदालत ने चीफ इंजीनियर को न्यायिक हिरासत में भेजा, ठेकेदार को तीन दिन के रिमांड पर भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
सिंचाई विभाग में हुए करोड़ों के घोटाले में रिमांड पर चल रहे सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर हरविंदर सिंह व ठेकेदार गुरिंदर सिंह को शनिवार अदालत में पेश किया गया। अदालत ने चीफ इंजीनियर हरविंदर सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जबकि ठेकेदार गुरिंदर सिंह को तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान विजिलेंस ने ठेकेदार गुरिंदर सिंह का रिमांड लेने के दलील दी कि ठेकेदार की प्रॉपर्टी आदि के बारे में पूछताछ करनी है। अदालत ने उसे तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया। अब ठेकेदार को 19 दिसंबर को फिर अदालत में पेश किया जाएगा।
जिक्रयोग है कि विजिलेंस ब्यूरो की ओर से सिंचाई विभाग में बीते समय के दौरान टेंडर अलॉट करने में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए ब्यूरो द्वारा प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धाराओं 13(1)डी तथा 13(2) सहित आईपीसी की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 477-ए तथा 120बी के तहत विजिलेंस ब्यूरो की फ्लाइंग स्वॉयड-1 के मोहाली स्थित थाने में केस दर्ज किया गया है। इस केस में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी पूर्व चीफ इंजीनियर हरविंदर सिंह व ठेकेदार गुरिंदर सिंह की जमानत याचिकाओं को रद्द करते हुए उन्हें एक सप्ताह के अंदर सरेंडर करने व विजिलेंस जांच में शामिल होने को कहा था। दोनों आरोपियों ने अलग अलग दिनों में मोहाली की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था और इस समय दोनों आरोपी विजिलेंस के पास रिमांड पर हैं।