स्टेट क्राइम ब्रांच ने एक आरोपी दबोचा, आरोपी से की जा रही है पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। विभिन्न राज्यों के लोगों को लैब खोलने के नाम पर इन्वेस्ट करवाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में फेज-चार स्थित स्टेट क्राइम सेल के थाने में दिलप्रीत शाही समेत कई लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा-420, 465, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया था। साथ ही मामले के एक आरोपी को पुलिस ने काबू किया है। आरोपी दिलप्रीत शाही को पुलिस प्रोडक्शन वारंट लाई है। आरोपी को अदालत ने तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक दिलप्रीत शाही ने एक प्राइवेट लैब बनाई थी। साथ ही लोगों को लैब खोलने के लिए पैसे लगाने के लिए कहता था। इस काम पर उसने कई लोगों को ठगा। साथ ही उनसे लाखों रुपये लोगों से ले लिए, लेकिन न तो किसी की लैब खोली और न ही पैसे वापस किए। पुलिस सूत्रों से यह भी पता चला है कि दिलप्रीत मोहाली के एक निजी अस्पताल में सीईओ की नौकरी कर चुका है। कुछ समय के बाद उसने अस्पताल से नौकरी छोड़ दी थी। कंपनी के सारे दस्तावेज फेज-चार में तैयार करवाए थे। जबकि चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक में दफ्तर खोला गया। इतना ही नहीं दिलप्रीत शाही व अन्य लोगों को ठगी मारने की नियत से कंपनी की रिटर्न व अन्य दस्तावेजों के जाली हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर पैसे इकट्ठे किए। इस मामले में दिलप्रीत शाही के अलावा कई और आरोपी भी नामजद है।