अब गैंगस्टर दिलप्रीत की महिला दोस्त खोलेगी राज
पुलिस ने आरोपी महिलाओं का रिमांड लेने के लिए रखे कई तर्क
अदालत ने पांच दिन के रिमांड पर भेजा, पेशी को लेकर चलता रहा दिनभर ड्रामा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल द्वारा पकड़ी गई गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह को पनाह देने वाली मित्र रुपिंदर कौर व हरप्रीत को अदालत में पेश करने के लिए मंगलवार को दिन भर ड्रामा चलता रहा। स्टेट स्पेशल सेल की ओर से दोनों महिला आरोपियों का सुबह में ही मेडिकल करवा लिया गया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। मीडिया वाले सुबह ही इंतजार में थे कि पुलिस कब आरोपी महिलाओं को लेकर आएगी। पुलिस की टीम शाम करीब पांच बजे अदालत पहुंची, जबकि चंडीगढ़ में एक जज की मां का स्वर्गवास होने के कारण अधिकतर जज निकल गए थे। इस संबंध में पूर्व सूचना न होने के कारण अदालत का स्टाफ भी निकल गया था। इसके बाद पुलिस की टीम आरोपी महिलाओं को वापस ले गई और उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर पांच का रिमांड मांगा।
इस दौरान पुलिस की ओर से केस प्रॉपर्टी, असलाह, नशीले पदार्थ व अन्य सामग्री अदालत में पेश की गई। अदालत में आरोपियों का रिमांड लेने के लिए पुलिस ने दलील दी कि दोनों महिलाएं आपस में बहने हैं। दोनों में से एक औरत के पति की मौत हो चुकी है। जबकि दूसरी का पति साथ नहीं रहता। गैंगस्टर को दोनों बहनें अपने पास पनाह देती थीं। गैंगस्टर इनके घर में हथियार, गोली, सिक्का, हेरोइन व नशीले पदार्थ रखकर अपना नेटवर्क चलाता था। पुलिस इन दोनों से पता लगाना चाहती है कि उक्त लोगों का कौन से गैंगस्टरों से संबंध है। साथ ही नशे में सप्लाई करने में इनकी भूमिका क्या है।
एक बुटीक तो दूसरी प्राइवेट कंपनी में थी तैनात
पुलिस की जांच में सामने आया है कि हरप्रीत कौर आंगनबाड़ी वर्कर है। साथ ही वाहेगुरु नगर नवांशहर में बुटीक चलाती है। वह विधवा है। रुपिंदर कौर एक दवा कंपनी में काम करती थी। इस बारे में महिला ने अपने पड़ोसियों को भी बताया था।
मैंने अपनी मर्जी से की थी दोस्ती
इस मौके पर अदालत में पहुंची आरोपी महिलाओं से एक ने कहा कि उन्होंने किसी भी तरह के प्रेशर में दिलप्रीत से दोस्ती नहीं की थी। बल्कि उन्होंने अपनी मर्जी से दोस्ती की थी। इस दौरान दोनों के चेहरे ढके हुए थे।