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अब डायरी खोलेगी रिवश्त के खेल की पोल

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विजिलेंस ने एसएचओ व हेड कांस्टेबल को रिश्वत लेते दबोचा था
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए थाना घडूआं के एसएचओ साहिब सिंह और हेड कांस्टेबल रच्छपाल सिंह के मामले में विजिलेंस ने जांच तेज कर दी है। विजिलेंस को एक डायरी हाथ लगी है, जिसमें कई अधिकारियों और कई टिप्पर मालिकों के नंबर लिखे हैं। विजिलेंस ने डायरी में लिखे कुछ टिप्पर मालिकों से संपर्क कर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है। दूसरी ओर दोनों को रविवार को विजिलेंस ने कोर्ट में पेेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
शनिवार को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के पास सीएम पंजाब के रूट पर तैनात थाना घडूआं के प्रभारी साहिब सिंह और हेड कांस्टेबल रच्छपाल सिंह को विजिलेंस ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। इसके तुरंत बाद विजिलेंस ने थाना प्रभारी के घर और दफ्तर में चेकिंग भी की थी। इस दौरान विजिलेंस को थाना प्रभारी की डायरी हाथ लगी थी। जिसे विजिलेंस ने तुरंत कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी। सूत्रों से पता चला है कि डेयरी में अलग अलग टिप्परों के नंबर लिखे हुए हैं। विजिलेंस को संदेह है कि टिप्पर मालिकों से दोनों पुलिसकर्मी मंथली लेते थे। विजिलेंस ने इस मालिकों को पूछताछ के लिए बुलाया है। साथ ही इस बारे में विस्तारपूर्वक पूछताछ की योजना बनाई गई है। मामले की जांच डीएसपी तजिंदर संधू कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में इस मामले में कुछ और तथ्य सामने आएंगे।
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सेक्टर-71 निवासी ने दी थी शिकायत
सेक्टर-71 स्थित जरनैल सिंह की तरफ से विजिलेंस को शिकायत दी गई थी। उन्होंने बताया था कि वह ठेेकेदारी करते हैं। उनके टिप्पर चलते हैं। टिप्पर रेत लेकर माच्छीवाड़ा साइड से आते जाते रहते हैं। जब टिप्पर मोहाली जिले में एंट्री करते हैं तो आरोपी प्रत्येक टिप्पर की एंट्री पर पांच हजार मांगते थे। शुक्रवार को जब उनके टिप्पर आए तो आरोपी दस हजार रुपये की मांग कर रहे थे। इस दौरान उनकी जेब में सात हजार रुपये थे। ऐसे में उन्हें सात हजार रुपये दे दिए थे। साथ ही तीन हजार रुपये शनिवार को देने का वायदा किया था। इसके बाद ठेकेदार ने इस संबंधी विजिलेंस को सूचित किया। विजिलेंस ने पूरी प्लानिंग के साथ आरोपी को दबोच लिया था।
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ऐसे पकड़े गए आरोपी
विजिलेंस के अनुसार, जब ठेकेदार शनिवार को पेमेंट देने गया तो एसएचओ ने कहा कि वह हवलदार से मिले। उस समय वह सीएम के रूट में चंडीगढ़ सिटी पर तैनात था। इस दौरान टीम ने उसे दबोच लिया। वहीं, विजिलेंस ने इस संबंधी सारा रिकॉर्ड तैयार किया। ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े।
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