मोहाली। एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर लोगों के बैंक खातों से लाखों रुपये ठगने वाले इंटर स्टेट गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन मेंबरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान साहिल, जतिंदर व भूपिंदर निवासी धमतान साहिब जिला जींद हरियाणा के रूप में हुई है। एसएसपी हरचरन सिंह भुल्लर ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर इसका खुलासा किया। आरोपियों से पूछताछ में अब तक साठ से अधिक केसों को हल करने में सफलता मिली है। इस दौरान उनके साथ एसपी वरुण शर्मा व डीएसपी साइबर क्राइम रूपिंदरदीप कौर सोही भी मौजूद थीं। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
कुछ समय पहले खरड़ में एक सरकारी स्कूल के टीचर ने फेज-आठ में से पैसे निकलवाए थे। इस दौरान उनके कार्ड की क्लोनिंग हो गई थी। इसके बाद टीचर के खाते से करीब साठ हजार रुपये निकल गए थे। टीचर को इसकी भनक उस समय लगी थी जब उनके फोन पर लगातार पैसे निकलने के मैसेज आए। उन्होंने एटीएम ब्लाक करवा दिया था। फेज-आठ थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की। डीएसपी साइबर क्राइम की अगुवाई में पुलिस ने जांच शुरू तो आरोपियों को काबू कर लिया।
स्विफ्ट कार से चलते थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी पूरी तरह से लग्जरी जीवन जीते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक हरियाणा नंबर की स्विफ्ट कार, कार्ड क्लोन व कार्ड तैयार करने वाली दो मशीनें, तैयार किए गए 18 जाली एटीएम कार्ड, एक आईपैड बरामद किया है।
ऐसे बनाते थे लोगों को शिकार
आरोपियों ने बताया कि वह एटीएम पर नजर रखते थे। जब भी कोई बुजुर्ग, महिला या कम पढ़ा हुआ लगता एटीएम में जाता था तो वे उसकी मदद करने का बहाना बनाकर उसके पास जाते थे। उनसे एटीएम कार्ड लेकर क्लोन करने वाली मशीन पर स्वीप कर लेते थे। उनका एटीएम का पासवर्ड देखकर लिख लेते थे। बाद में उनका जाली एटीएम बनाकर उनके खाते से पैसे निकाल लेते थे।
सारे आरोपी आठवीं पास
आरोपियों ने बताया कि वे सब आठवीं पास हैं। इसी काम में लगकर हर माह मोटी रकम कमाते थे। साथ ही लग्जरी जीवन जीते थे।
एक साल पहले क्लोन किया कार्ड बरामद
आरोपियों से पुलिस ने एक ऐसा एटीएम कार्ड भी हासिल किया है जो एक साल पहले उन्होंने क्लोन किया था। वह एटीएम का प्रयोग अब तक करते आ रहे हैं। आरोपियों ने बताया कि सभी आरोपी अपने काम में माहिर थे। प्रत्येक को काम दिया हुआ था जिसके मुताबिक ही वह काम करते थे।
ऑनलाइन खरीद थी मशीन
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने कार्ड क्लोनिंग मशीन एक साइट से ऑनलाइन खरीदी थी जिसकी मदद से वह कार्ड को रीड करते थे। यह मशीन आसानी से ऑनलाइन मिल जाती है। पुलिस के लिए भी यह चीज नई थी। वहीं, इस संबंध में पुलिस अपने उच्च अधिकारियों के ध्यान में इस मामले को लाएगी। साथ ही ऐसी मशीनों की ऑनलाइन बिक्री पर आने वाले समय में पाबंदी लगाई जाएगी।
कई राज्यों में सौ से अधिक वारदातों को दिया अंजाम
आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश, मोहाली, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, हरियाणा व दिल्ली के कई शहरों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपियों का कहना है कि वह सौ से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।