उसी समय चंडीगढ़ नंबर की एक कार आकर रूकी, जिसमें से लोग बाहर निकले। इस दौरान राजवीर नामक व्यक्ति के हाथ में पिस्टल थी। राजवीर ने पिस्टल की नोंक को जैमल सिंह की कनपटी पर तान दिया और अपने साथ कार में बैठाने की कोशिश की। जैमल ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया। इसी बीच आरोपी राजवीर ने पीड़ित के हाथ में पकड़ा मोबाइल फोन और कार की चाबियां छीनते की कोशिश की।
इसको देख गोदाम के अंदर मौजूद कर्मचारी महिंदर सिंह और राम सिंह वहां पहुंच गए। दूसरी ओर आरोपी गैस एजेंसी के मालिक जैमल सिंह सहित कर्मचारी महिंदर और राम सिंह को कार में डालकर अपने साथ सिद्धू फार्म, मजात (खरड़) ले गए।
वहां ले जाकर आरोपियों ने कर्मचारियों की डंडों और लोहे की रॉड से जमकर पिटाई की और पीड़ित जैमल सिंह पर दबाव बनाकर से खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की। लेकिन जैमल सिंह ने कागजों पर हस्ताक्षर नहीं किए। इस दौरान राजवीर के साथ मौजूद अन्य साथियों ने उसकी जमकर पिटाई करते हुए दबाव बनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन आरोपी कामयाब नहीं हो पाए।
शिकायतकर्ता के अनुसार इस बीच कर्मचारी महिंदर और राम सिंह आरोपियों को धोखा देकर वहां से फरार होने में कामयाब रहे। उन्होंने पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और वहां पहुंचकर जैमल को आरोपियों के चंगुल से छुड़वाया। पुलिस ने तीन आरोपियों को हथियारों सहित काबू करके हिरासत में ले लिया।
आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने राजवीर सोढ़ी, उसके बेटे अमाराज सोढ़ी, सुखवीर सिंह सहित कुल 7 लोगों खिलाफ किडनैपिंग, आम्र्स एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं तहत केस दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को पुलिस ने डेराबस्सी की अदालत में पेश किया, जहां से आरोपियों को 1 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।
मामले की सूचना मिलते ही उनकी टीम हरकत में आई, जिसके बाद सूचनाएं जुटाकर पुलिस आरोपियों के ठिकाने तक पहुंची और अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। मामला दोनों पक्षों के बीच पैसों के लेनदेन का है, जिसकी हर पहलू से जांच की जा रही है। फिलहाल बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पूछताछ चल रही है। -बूटा सिंह, एएसआई कम जांच अधिकारी, जीरकपुर पुलिस थाना