चार साल पुराने खुदकुशी के एक मामले में हाईकोर्ट के दखल के बाद पुलिस ने अकाली नेता के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर राजनैतिक रूप अख्तियार कर लिया है। फिलहाल पुलिस ने स्थानीय अकाली नेता गुरमीत सिंह को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सोहाना पुलिस ने गांव धीरपुर के निवासी अमनदीप सिंह की शिकायत पर उसके पिता बलविंदर सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में केस दर्ज करने के बाद गांव शामपुर निवासी अकाली नेता गुरमीत सिंह को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया गया। अकाली दल के स्थानीय नेताओं ने गुरमीत सिंह पर झूठा मामला दर्ज कर कार्रवाई का आरोप लगाया है।
गांव धीरपुर निवासी अमनदीप सिंह की तरफ से सितंबर 2015 में एसएसपी मोहाली को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि गुरमीत सिंह निवासी शामपुर ने उसके पिता बलविंदर सिंह के साथ लाखों रुपये की ठगी की और जमीन हड़पने की धमकी देकर खुदकुशी करने को मजबूर किया था। बलविंदर सिंह ने 1 मई, 2015 को खुदकुशी कर ली थी।
यह मामला अक्तूबर 2015 में मीडिया की सुर्खियां बना था। तब मृतक बलविंदर सिंह की पत्नी स्वर्णजीत कौर और पुत्र अमनदीप सिंह ने मोहाली में एक प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस पर इस मामले में कोई कार्रवाई न करने का इल्जाम लगाया था। अमनदीप सिंह के अनुसार उसके पिता बलविंदर सिंह (जो प्राइवेट बस चालक थे) ने मई 2015 में आत्महत्या कर ली थी। मृतक बलविंदर सिंह ने जो सुसाइड नोट छोड़ा था, उसमें लिखा था कि गुरमीत ने उसके साथ पहले लाखों रुपये की ठगी कर उसे बर्बाद कर दिया और फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहा था।
अमनदीप के अनुसार गुरमीत सिंह ने उसके पिता को प्रापर्टी डीलिंग करने का लालच देकर उनकी कुछ जमीन बिकवा दी थी और कुछ जमीन की रजिस्टरी गुरमीत सिंह ने धोखे से अपने नाम करवा ली। शिकायतकर्ता के अनुसार उसके पिता गुरमीत सिंह पर पूरा विश्वास करते थे। गुरमीत सिंह ने उसके पिता के बैंक खाते से 16 लाख रुपये 20 अप्रैल, 2012 को अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके अलावा 10 लाख नकद प्रापर्टी में लगाने के नाम पर भी लिए।
काफी समय बीतने पर जब उसके पिता ने गुरमीत सिंह को अपनी रकम से खरीदी प्रापर्टी या उसके कागजात दिखाने के लिए कहा तो आरोपी ने बलविंदर सिंह को धमकाना शुरू कर दिया था। अपनी राजनीतिक पहुंच के रसूख के साथ झूठे केस में फंसाने की धमकी भी देता रहा।
बलविंदर सिंह ने सुसाइड नोट में अपनी मौत का कारण गुरमीत सिंह द्वारा उसके साथ 70 लाख की ठगी करने और धमकी देना बताया था। सुसाइड नोट मिलने के बाद वह पुलिस के पास गुरमीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज करवाने के लिए शिकायत लेकर गए तो पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते उन्होंने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पिटीशन दाखिल की।
जरूरत पड़ी तो ठगी की धारा भी जोड़ी जाएगी : एसएचओ
थाना सोहाना के एसएचओ मनफूल सिंह के मुताबिक हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच करवाने और उसके आधार पर कार्रवाई करने की हिदायत दी थी। इसके बाद अमनदीप सिंह की तरफ से मृतक की लिखावट वाले कुछ दस्तावेज पुलिस को दिए गए। पुलिस ने सुसाइड नोट की लिखावट और मृतक की असली लिखावट के साथ मिलान करने के लिए फोरेंसिक जांच करवाई थी। इसकी रिपोर्ट आने के बाद डीए लीगल की सलाह ली गई।
इसके बाद पुलिस ने गुरमीत सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मामला दर्ज करके उसको गिरफ्तार कर लिया। एसएचओ ने बताया कि गुरमीत सिंह को बुधवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उसको 10 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए। पुलिस सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और यदि जरूरत पड़ी तो मामले में ठगी की धारा भी जोड़ी जाएगी।