अकाली पार्षद और उसके बेटे पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर।
पुलिस ने जीरकपुर के एक अकाली पार्षद और उसके बेटे के खिलाफ प्लाट बेचने के मामले में धोखाधड़ी और खरीदार को जाने से मारने की धमकियां देने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
बलटाना पुलिस चौकी इंचार्ज सतिंदर सिंह ने बताया कि अमन बांसल और आनंद कुमार निवासी दड़वा (चंडीगढ़) ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने बलटाना की रविंदरा एन्क्लेव कालोनी में वार्ड-3 से पार्षद परवीन शर्मा के बेटे साहिल शर्मा से एक प्लॉट खरीदा था। इसके लिए साढ़े तीन लाख रुपये बतौर बयाना दिया। बाकी रकम बैंक लोन से चुकाने का सौदा हुआ था। शिकायत के अनुसार, रजिस्ट्री कराने का समय आने पर न तो साहिल ने उसके नाम रजिस्टी करवाई और न ही उसके पैसे लौटाए। आरोप है कि जब पैसों के लिए उनसे संपर्क किया तो साहिल शर्मा और उसके पिता एवं वार्ड-3 से अकाली पार्षद परवीन शर्मा ने जान से मारने की धमकियां देने लगे। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत बलटाना चौकी में दी। इसकी पड़ताल के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
यह है मामला
जानकारी के मुताबिक, हिमाचल से निकलने वाला पानी पहाड़ियों के जरिए चंडीगढ़ की सुखना झील में पहुंचता है। इसकी मात्रा अधिक होने पर इस पानी को सुखना चो की मदद से घग्गर दरिया में पहुंचाया जाता है। बीते कुछ वर्षों के दौरान बलटाना में ‘सुखना चो’ के अधीन आने वाली जमीन पर कालोनियां काट ली गईं। उसके बाद यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया और अदालत ने धारा-55 लागू कर दी गई। जबकि परवीन शर्मा ने धारा-55 अधीन आते क्षेत्र में प्लाट को आगे बेच दिया, जिस पर कंस्ट्रक्शन होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने काम रुकवा दिया।
क्या है धारा-55
ड्रेनेज एक्ट धारा-55 के मुताबिक नदी के बहाव से लोगों की जान व माल को होने वाले नुकसान को बचाने के लिए ड्रेनेज विभाग द्वारा नदी क्षेत्र के अधीन किसी भी प्रकार के निर्माण कार्यों पर पूर्ण पाबंदी है। जबकि बलटाना से होकर निकलने वाले ‘सुखना चो’ के मामले में यह केस अब भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। वहीं, बलटाना के इस क्षेत्र में भू-माफिया द्वारा नदी के कुदरती बहाव में बड़े पैमाने पर गैरकानूनी रूप से निर्माण कार्य किए गए हैं, जो इस धारा का उल्लंघन है। ऐसा कोर्ट में साबित होने की सूरत में आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।