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जीरकपुर : राजस्थान के कुख्यात गैंग लारेंस बिश्रोई के नामी गैंगस्टर अंकित भादू का पंजाब पुलिस ने किया एन्काउंटर..

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- 30 से 35 मिनट तक पुलिस और गैंगस्टरों के बीच चली गोलियां
- पंजाब सरकार द्वारा गठित ओसीसी टीम ने दिया आपरेशन को अंजाम

अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। राजस्थान के कुख्यात गैंग लारेंस बिश्नोई के एक नामी गैंगस्टर अंकित भादू का पंजाब पुलिस ने वीरवार को जीरकपुर के गांव पीरमुच्छल्ला में एन्काउंटर कर दिया। जबकि उसके 2 अन्य साथी गैंगस्टर्स को पुलिस ने गिरफ्तार करके थाने ले आई, जिनकी पहचान गुरमिंदर सिंह उर्फ गिंदा काणा और जर्मनजीत उर्फ जर्मन निवासी अमृतसर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 30 से 35 मिनट तक चले इस आपरेशन में गैंगस्टर अंकित और पुलिस के बीच काफी फायरिंग हुई, जिसमें अंकित भादू को जख्मी हो गया और चंडीगढ़ के सरकारी अस्पताल दाखिल करवाया। यहां मौजूद डाक्टरों ने गैंगस्टर अंकित भादू के मृत होने की पुष्टि की है। दूसरी ओर, पुलिस ने अंकित के साथ रहने वाले 2 अन्य गैंगस्टरों खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।

पहचान छिपाकर बैठे थे गैंगस्टर, पुलिस को मिली सूचना
पीरमुच्छल्ला में एन्काउंटर को लीड कर रहे आर्गेनाइज क्राइम कंट्रोल (ओसीसी) के एआईजी गुरमीत चौहान ने बताया कि राजस्थान के कुख्यात गैंग लारेंस बिश्नोई का नामी गैंगस्टर अंकित भादू पंजाब में छिपे होने की सूचना मिली, जिसकी तलाश के लिए ओसीसी टीम के सदस्य लंबे समय से तलाश में जुटे हुए थे। वीरवार को टीम के सदस्यों को पता चला कि गैंगस्टर अंकित भादू अपने 2 अन्य साथियों के साथ जीरकपुर के गांव पीरमुच्छल्ला में अपनी पहचान छिपाकर फ्लैट किराए पर लेकर रह रहा है। दूसरी ओर, सूचना को आधार बनाकर डीएसपी विक्रमजीत बराड़ के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।
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शाम 6 बजे शुरू हुआ आपरेशन
एआईजी गुरमीत चौहान ने बताया कि डीएसपी विक्रमजीत बराड़ के नेतृत्व में टीम पीरमुच्छल्ला की महालक्ष्मी अपार्टमेंट्स में पहुंच गई। वहीं, सूचना को आधार बनाते हुए पुलिस की टीम के सदस्य उक्त अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 6सी में पहुंचे। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने पहले दरवाजा खटखटाया और खोलने के लिए आवाजें लगाई, परन्तु अंदर मौजूद गैंगस्टरों ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल होने लगे तो गैंगस्टर अंकित पीछे की बाल्कनी से छलांग लगाकर निचले फ्लैट में पहुंच गया, जिसने यहां रहने वाली 2 बच्चियों को बंदी बना लिया, जिसमें से 6 वर्षीय बच्ची को बाहरी तरफ बाल्कनी में ले आया और बच्ची की आड़ में पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

डीएसपी ने अंकित को सरेंडर करने के लिए कहा
कुख्यात गैंगस्टर अंकित ने जब छोटी बच्ची को अपना शिकार बनाकर बंदी बनाकर बाल्कनी में ले आया तो डीएसपी विक्रमजीत ने उसको सरेंडर करने के लिए कहा। परन्तु जवाब में अंकित ने डीएसपी पर अपनी पिस्टल से गोलियों की बौछार कर दी, जिसके जवाब में पुलिस अधिकारियों ने अंकित पर फायरिंग कर दी। दूसरी ओर, अंकित ने चाल चलते हुए बच्ची की कनपटी पर पिस्टल तान दी, ताकि डरकर पुलिस उसे फरार होने में मदद करे, परन्तु इसी दौरान दूसरी मंजिल की बाल्कनी के ऊपरी तरफ से पुलिस पार्टी के एक कमांडो ने छलांग लगाकर अंकित को गिरा दिया और गिरते समय अंकित की पिस्टल से निकली गोलियों में से एक गोली एएसआई सुखविंदर सिंह की टांग में लगी, जो गंभीर रूप से जख्मी हो गया।

एएसआई को गोली लगी तो पुलिस ने अंकित पर किया जवाबी फायर
एएआईजी गुरमीत चौहान ने बताया कि अंकित की पिस्टल से निकली गोली जब एएसआई सुखविंदर सिंह को गोली लगी तो पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अंकित पर गोलियां दाग दी, जिसमें अंकित गंभीर रूप से जख्मी हो गया। वहीं, जख्मी हालत में अंकित को पुलिस जीप की मदद से पहले डेराबस्सी सिविल अस्पताल और फिर जीएमसीएच-32 अस्पताल में दाखिल करवाया। यहां पर मौजूद डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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अंकित के बाकी 2 साथियों को किया राउंडअप
पुलिस फायरिंग में अंकित के जख्मी होने के बाद अधिकारी तीसरी मंजिल पर स्थित बाकी 2 गैंगस्टरों को गुरमिंदर सिंह उर्फ गिंदा काणा और जर्मनजीत उर्फ जर्मन को पुलिस ने राउंडअप करके पूछताछ की। वहीं, पूछताछ के बाद दोनों गैंगस्टरों को पुलिस टीम हथकड़ियों से बांधकर ढकोली पुलिस थाने ले गई और अपार्टमेंट के आसपास पूरे इलाके को सील करके छानबीन शुरू कर दी है।
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