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फर्जी महिला आईपीएस अफसर बनकर ठगी

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- लोगों को पंजाब पुलिस व सेंटर गवर्नमेंट में भर्ती करवाने के नाम पर ठगते थे लाखों रुपये
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- पुलिस ने आरोपियों को गुप्त सूचना के आधार पर दबोचा, केस दर्ज
- अदालत ने आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा

अमर उजाला ब्यूरो
खरड़। फर्जी आईपीएस अधिकारी बन अपने साथियों सहित पंजाब पुलिस व केंद्र सरकार के कई विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक महिला समेत दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें काबू कर लिया है। आरोपियों की पहचान तनिशका सांगवन (35) निवासी सेक्टर-1 वसंत कुंज नई दिल्ली के रूप में हुई है। जबकि उसके दूसरे साथी की पहचान पहचान तरुण के तौर पर हुई है। वहीं, पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि महिला व उसका साथी काफी शातिर थे।। वह हमेशा ही दिल्ली व उसके बाहरी इलाकों में ही लोगों को अपना शिकार बनाते थे। थाना सिटी के एसएचओ इंस्पेक्टर भगवंत सिंह व चौकी इंचार्ज एएसआई अवतार सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को खरड़ अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को एक दिन के लिए पुलिस रिमांड में भेेजने के आदेश दिए गए हैं।

ऐसे पकड़ में आए आरोपी
जानकारी के मुताबिक पुलिस पार्टी सन्नी एन्क्लेव निज्झर चौक के निकट गश्त कर रही थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि एक महिला खुद को दिल्ली कैडर की एक आईपीएस अधिकारी बताती है। साथ ही वह अपने एक दोस्त के साथ मिलकर लोगों को ठग रही है। वह लोगों को पंजाब पुलिस या सेंटर के किसी मंत्रालय में अधिकारी/कर्मचारी भर्ती करवाने के बदले 20 लाख रुपये की मांग कर रही है। लोगों को इस तरह लालच देकर उनसे ठगी मारने के इरादे से वह आज कल खरड़ शहर के एक मोहल्ला में रुकी हुई है। पुलिस पार्टी को जैसे ही इस बात की सूचना मिली तो उन्होंने बताए गए घर में से महिला समेत उसके दोस्त दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
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जब पेपर पास नहीं कर पाई तो बन गई फर्जी आईपीएस
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2015 के वह यूपीएसई की परीक्षा में अपीयर हुई थी, लेकिन परीक्षा में पास नहीं हो पाई थी। उसके मन में शुरू से ही चाह थी कि वह आईपीएस अफसर अपना रौब दिखाए। इसके बाद वह उसके साथ मिलकर इस काम में जुट गई थी। इसके साथ ही दिल्ली की एक केमिस्ट शॉप में काम करती है।
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ऐसे जमाती थी रौब
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला अपने दोस्त के संपर्क में कुछ दिन पहले ही आई थी। उसके साथ दोस्ती करने के बाद वह यहां उसके घर आई थी। वहीं, लोगों को कहती थी कि वह एसीपी संगरूर लगने वाली है। इसके अलावा कई विभागों के अफसरों पर रोक लगा चुकी है।
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