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इमीग्रेशन कंपनी सील

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खरड में प्रशासन ने सील की इमिग्रेशन कंपनी
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कंपनी वाले नहीं दिखा पाए दस्तावेज, पुलिस कर रही जांच
कनाडा भेजने के नाम पर कोटकपूरा निवासी से लिए थे दिए थे 6.80 लाख
अमर उजाला ब्यूरो
खरड़। खरड़ की एसडीएम अमनिंदर कौर बराड़, डीएसपी खरड़ दीपकमल, नायब तहसीलदार समेत खरड़ पुलिस की टीम ने न्यू सन्नी एन्क्लेव में अवैध तौर पर चल रहे एक इमिग्रेशन कंपनी के दफ्तर में रेड की। इस दौरान मौके पर कंपनी का मालिक नहीं मिला। कंपनी के कर्मचारी भी लोगों को विदेश भेजने के लिए सरकार से प्राप्त सर्टिफिकेट नहीं दिखा सके। इसके बाद एसडीएम ने कार्रवाई करते हुए दफ्तर को सील करने के आदेश दिए।
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कोटकपूरा निवासी सुखबीर सिंह ने एसएसपी मोहाली को शिकायत देकर बताया था कि बेटे खुशलवीर सिंह और बेटी अर्शदीप कौर को पढ़ाई के लिए कनाडा भेजने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने न्यू सन्नी एन्क्लेव स्थित वेस्ट कास्ट इमिग्रेशन कंपनी से संपर्क किया था। वहां तैनात एक महिला कर्मचारी ने दोनो बच्चों को कनाडा भेजने की फीस छह लाख और 40 हजार रुपये फाइल चार्ज के तौर पर देने को कहा था। इसके अलावा 20 लाख रुपये सुखबीर सिंह को अपने बैंक खाते में जमा रखने को कहा। सुखबीर सिंह ने कंपनी को 20 हजार नगद और 20 हजार रुपये कंपनी के खाते में ट्रांसफर करवा दिए। कुछ दिन बाद सुखबीर सिंह ने कंपनी को 48 हजार रुपये और दिए। कंपनी की महिला कर्मचारी ने सुखबीर सिंह को कनाडा में ही सेटल हो जाने के सपने दिखाते हुए पति-पत्नी को भी बाहर भेजने का प्रलोभन दिया। कुछ दिन बाद सुखबीर सिंह को पता चला कि इस इमिग्रेशन कंपनी के पास लोगों को विदेश भेजने के लिए सरकार से मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट नहीं है। सुखबीर सिंह ने कंपनी से जब अपनी रकम वापस लौटाने को कहा तो कंपनी के मालिकों ने इंकार कर दिया। सुखबीर सिंह ने ठगी की शिकायत एसएसपी मोहाली को दी। एसएसपी के निर्देश पर शुक्रवार दोपहर को इस कंपनी के दफ्तर में छापेमारी की गई। एसडीएम अमनिंदर कौर बराड़ ने बताया कि रेड के दौरान न तो कंपनी का कोई मालिक मिला और न ही दफ्तर में तैनात स्टाफ लोगों को विदेश भेजने का कोई सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट दिखा सका। देर तक इंतजार करने के बाद भी जब कंपनी का कोई मालिक नहीं आया तो दफ्तर को सील कर दिया गया। एसडीएम बराड़ ने बताया कि इस दौरान एक अन्य एकेडमिक पार्टनर कंपनी के कागजात भी चेक किए, जिसकी विस्तृत जांच के आदेश एसएचओ खरड़ को दे दिए गए।
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