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खनन पर शिकंजा : सब-डिविजन स्तर पर टीमें गठित, एफआईआर में वाहन मालिक का नाम भी होगा दर्ज

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मोहाली। जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था और सख्त कर दी है। रेत-बजरी के अवैध कारोबार से लेकर स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांटों की जांच के लिए सब-डिविजन स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें सितंबर से दिसंबर 2026 तक रोस्टर के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में जांच अभियान चलाएंगी। हर दिन की कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रशासन को भेजनी होगी। खास बात यह है कि अवैध खनन का मामला सामने आने पर केवल वाहन को कब्जे में लेना पर्याप्त नहीं होगा। एफआईआर में वाहन नंबर के साथ उसके मालिक का नाम भी दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (जनरल) गीतिका सिंह की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक टीमों को रेत, बजरी, अवैध खनन स्थलों, स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांटों की नियमित जांच करनी होगी। अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले टिप्पर, जेसीबी, पोकलेन और ट्रैक्टर-ट्रॉली का रिकॉर्ड भी आरटीओ एसएएस नगर के समन्वय से तैयार डेटाबेस में दर्ज किया जाएगा।
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खरड़ में माजरी और सिसवां माजरा पर दो-दो टीमें
खरड़ सब-डिविजन में टी-पॉइंट माजरी के लिए दो टीमें तैनात की गई हैं। इनमें खनन, वन और पुलिस विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इसी तरह टी-पॉइंट सिसवां माजरा में भी दो टीमें जांच करेंगी। स्यूंक क्षेत्र के लिए अलग टीम बनाई गई है, जिसमें खनन, पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। डेराबस्सी में तीन स्थानों पर निगरानी डेराबस्सी सब-डिविजन में मुबारिकपुर चौकी-सुंदरां रोड, लालड़ू आईटीआई चौक और हंडेसरां बस स्टैंड को निगरानी के दायरे में रखा गया है। यहां खनन, वन, पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें जांच करेंगी।

बनूड़-तेपला और जीरकपुर-पटियाला रोड भी रडार पर
मोहाली सब-डिविजन में बनूड़-तेपला रोड और जीरकपुर-पटियाला रोड क्रॉसिंग पर भी टीम तैनात की गई है। इन क्षेत्रों में खनन गतिविधियों और भारी वाहनों की निगरानी की जाएगी। हर सप्ताह डीसी कार्यालय पहुंचेंगी रिपोर्ट सभी टीमों की विस्तृत साप्ताहिक रिपोर्ट कार्यकारी इंजीनियर-कम-माइनिंग अधिकारी तैयार कर डीसी कार्यालय भेजेंगे। संबंधित एसडीएम अपने सब-डिविजन के ओवरऑल इंचार्ज होंगे। विभागीय जिला प्रमुख भी अपने कर्मचारियों की निगरानी करेंगे। डीएसपी आर्थिक अपराध एवं साइबर अपराध को पुलिस टीमों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। संबंधित डीएसपी, एसडीएम के साथ तालमेल रखते हुए अभियान की निगरानी करेंगे।
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