गौरतलब है कि जालंधर में 6 अगस्त 2017 की देर शाम सिटी के भीड़भाड़ वाले वाल्मीकि चौक के पास पूर्व एसएसपी दफ्तर के बाहर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा की सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस की जांच पहले पंजाब पुलिस कर रही थी। बाद में केस एनआईए को सौंप दिया गया था।
इस केस में एनआईए पहले साफ कर चुकी है कि सारी योजना पाकिस्तान समेत बाहर विभिन्न देशों में बैठे आरोपियों ने बनाई थी। इतना ही उन्होंने इसके लिए आरोपियों को फंडिंग की थी। दुबई और अन्य देशों में आरोपियों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग तक दी गई थी। इसके अलावा आरोपी वारदात में फोन का प्रयोग बिलकुल नहीं करते थे। वहीं, वारदात करने के बाद वह दो से तीन महीने के लिए विदेश चले जाते थे।
टारगेट किलिंग में प्रयोग बाइक अदालत में होगी पेश
जानकारी के मुताबिक एनआईए की तरफ से अदालत में एक एप्लीकेशन लगाई गई। इसके बाद अदालत ने बाघा पुराना थाने के एसएचओ को आदेश दिए है कि टारगेट किलिंग में प्रयोग की बाइक व अन्य सामान को अगली सुनवाई पर अदालत में पेश किया जाए।
प्रोटेक्टेड गवाहों की सूची भी अदालत को सौंपी
टारगेट किलिंग केस में भी एनआईए की तरफ से प्रोटेक्टेड गवाह बनाए गए हैं। एजेंसी की तरफ से गवाहों की सूची और अन्य दस्तावेज अदालत को सौंप दिए हैं।