मोहाली। नार्को-आतंकवाद के आरोपी सतपाल सिंह की जमानत याचिका एनआईए की विशेष अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दी। अदालत ने आरोपों को गंभीर श्रेणी का मानते हुए इस आधार पर याचिका खारिज की है कि जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों पर दबाव बनाकर सुबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है।
अदालत ने कहा कि पिछली बार याचिका खारिज होने के बाद से स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। लिहाजा आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। इससे पहले 4 जुलाई 2020 को सतपाल सिंह की जमानत याचिका एनआईए की विशेष अदालत ने खारिज कर दी थी। आरोपी के वकीलों ने एनआईए के इस निर्णय के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय ने भी 13 अक्टूबर 2020 को सतपाल सिंह को जमानत दिए जाने की याचिका को खारिज करते हुए एनआईए विशेष अदालत के निर्णय को सही ठहराया था। एनआईए का दावा है कि सतपाल सिंह नार्को आतंकवाद का नेटवर्क चला रहे निर्मल सिंह उर्फ नीलधारी व जसमीत सिंह हकीमजादा से जुड़ा है। सतपाल सिंह पर इस मामले के एक और आरोपी जसबीर सिंह से आतंकी साजिश के लिए ड्रग मनी हासिल करने का भी आरोप है। एनआईए का दावा है कि सतपाल सिंह सीधे तौर पर हेरोइन तस्करी में संलिप्त है। सतपाल सिंह ने जसमीत सिंह हकीमजादा के निर्देश पर आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए हीरा लाल, हरीश सिंह बग्गा, गोविंद सिंह व परमिंदर सिंह उर्फ बॉबी के साथ मिलकर साजिश रची थी। एनआईए द्वारा अदालत में दाखिल की गई इस मामले की चार्जशीट में सतपाल सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी व एनडीपीएस एक्ट की धारा 27ए व 29 के तहत मामला दर्ज किया हुआ है।
एसआईटी ने किया था गिरफ्तार
अमृतसर जिले की तरसिका थाना पुलिस ने 31 मई 2019 को तीन लोगों को 500 ग्राम हेरोइन व एक लाख बीस हजार रुपये की ड्रग मनी के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी जजबीर सिंह समरा से 400 ग्राम, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी से 90 ग्राम व वरिंदर चहल से 10 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। मामले की जांच राज्य की एसआईटी टीम को सौंप दी गई थी। एसआईटी ने निर्मल सिंह नीलधारी को गिरफ्तार किया था। नीलधारी से पूछताछ में हुए खुलासे के बाद हेरोइन तस्करी व आतंकी वारदातों के लिए ड्रग मनी जुटाने के आरोप में हीरा लाल और सतपाल सिंह को गिरफ्तार किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई थी।