जीरकपुर। सिंहपुरा गांव में शमालात जमीन पर सड़क बनाने को लेकर गांव निवासियों ने विरोध जताया है। इस सबके पीछे बिल्डरों का हाथ होने का आरोप लगाया जा रहा है। यह सड़क मौजूदा वार्ड नंबर 23 के पार्षद के पति द्वारा बनाई जा रही है। लोगों का आरोप है कि पार्षद के पति द्वारा यह सड़क सिर्फ बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही है। जबकि इस तरफ एक भी घर मौजूद नहीं है। खेतों को जाने वाले रास्ते पर यह सड़क बनाई जा रही है।
गांव निवासी मंगा सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरदीप सिंह, अमनिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, जसप्रीत सिंह, रनजीत सिंह पूर्व सरपंच, गुरचरण सिंह, अमनदीप सिंह, अवतार सिंह, करनेल सिंह, दरबारा सिंह, तरलोचन सिंह, सुरजीत सिंह, ध्यान सिंह, काका सिंह ने बताया कि यह जमीन गांव की शामलात जमीन थी। यहां लोगों के खेतों को जाने के लिए यह सड़क छोड़ी हुई थी। इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर स्टे भी लगाया गया है। स्टे के बावजूद पार्षद के पति जसविंदर सिंह जबरदस्ती निर्माण करवा रहे हैं। इसकी शिकायत वह नगर परिषद के अधिकारियों और डीएसपी जीरकपुर को भी दे चुके हैं, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
दूसरी ओर पार्षद के पति जसविंदर सिंह ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा की स्टे काफी समय पहले खत्म हो चुका है।। इस समय इस जमीन पर कोई स्टे नहीं है।
इस मामले पर अशोक पथरिया, कार्यकारी अधिकारी जीरकपुर ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। आज भी यदि काम चल रहा है तो मैं अभी टीम भेजकर मामला चेक करवा लेता हूं। स्टे लगा है या नहीं यह तो रिकार्ड चेक करने के बाद ही पता चलेगा।