बरवाला मार्ग पर स्थित नेक्टर लाइफ साइंस कंपनी के 170 कर्मियों की ओर से सिविल अस्पताल में प्रदर्शन किया गया। कर्मियों ने आरोप लगाया कि उनकी कंपनी उनको काम पर वापस नही ले रही है। कंपनी का कहना है कि वह अपना कोरोना टेस्ट करवाए जिसके बाद ही वह कार्य पर आ सकते हैं। उधर सिविल अस्पताल का कहना है कि इतने टेस्ट की कोई सुविधा नही है। घरों में ही क्वारंटीन हों वहीं चेक करेंगे।
सिविल अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे कंपनी के कर्मियों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान वह अपने घर चले गए थे। जिसके बाद अब वापस आ गए हैं। लेकिन उनकी कंपनी उनको काम पर नही ले रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी के प्रबंधक पहले कोरोना टेस्ट करवाने के लिए कह रहे हैं। इस कारण वे आज सिविल अस्पताल डेराबस्सी आए हैं। डाक्टरों ने इतने लोगों का टेस्ट करने में असमर्थता जताई है। डाक्टरों का कहना है कि वे 21 दिन के लिए अपने घरों में ही क्वारंटीन हो जाएं। जहां मेडिकल टीम खुद उनसे संपर्क करेंगी। कर्मियों ने रोष प्रगट करते कहा कि कंपनी प्रबंधक उनकी जगह नए वर्कर रख रही है। इससे उनकी नौकरियां खतरे में पड़ गई हैँ। उन्होंने कहा कि जो नए वर्कर या कर्मी आ रहे हैं उनका कोई टेस्ट नही किया जा रहा है। रोष प्रगट करते उन्होंने कहा कि पहले ही वह आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। अब 21 दिन और उनको भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
इस मौके पर कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि बिना कोरोना टेस्ट और 21 दिन क्वारंटीन किए वह किसी को भी ड्यूटी पर नही ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि नियम के मुताबिक कोई भी व्यक्ति बाहरी राज्य से आता है तो पहले उसको क्वारंटीन करना जरूरी है।
सिविल अस्पताल में इतने लोगों के टेस्ट की कोई सुविधा नहीं है। कर्मियों को घरों में क्वारंटीन होने को कहा गया है जहां सेहत विभाग की टीम उनकी जांच करेगी। जिस कर्मी में लक्षण पाए जाएंगे उनका टेस्ट किया जाएगा। 21 दिन घर में क्वारंटीन रहने के नियम का पालना करना जरूरी है। - डॉक्टर संगीता जैन, एसएमओ, सिविल अस्पताल