मोहाली। पहले से ही वेंटिलेटर पर चल रही वीआईपी सिटी की इंडस्ट्री को कोरोना ने कोमा में भेज दिया है। इसके बावजूद उद्योगपतियों ने कोरोना के खिलाफ जंग में सरकार को पूरा समर्थन देने की घोषणा की है। कोरोना के खिलाफ जंग के लिए मोहाली की इंडस्ट्री पूरी तरह बंद रहेगी। कर्मचारियों को घर पर रहने की सलाह दी गई है। इससे मोहाली में काम करने वाले 2 लाख से ज्यादा वर्कर घर भेज दिए गए हैं। नियोक्ताओं ने कर्मचारियों को पूरा वेतन देने की घोषणा भी की है। यह फैसले सर्वसम्मति से सोमवार को हुई मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की बैठक में लिए गए।
एमआईए के प्रधान योगेश सागर ने बताया कि कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों में सहयोग के लिए मोहाली के उद्योगपति पूरी तरह तैयार हैं। बैठक में सर्वसम्मति से सरकार के समर्थन का फैसला लिया गया। एक अनुमान के अनुसार मोहाली की इंडस्ट्री बंद होने से 15 से 20 करोड़ का प्रतिदिन नुकसान होगा। उत्पादन पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे सरकार को भी रेवेन्यू का नुकसान उठाना पड़ेगा।
एमआईए के प्रधान ने बताया कि फिलहाल इंडस्ट्री का ध्यान कोरोना के फैलाव से अपने कर्मचारियों सहित अन्य लोगों को बचाना है। बैठक में सरकार से टैक्स, बैंक ईएमआई, ईएसआई सहित अन्य मदों में राहत देते हुए स्पेशल पैकेज की उम्मीद जाहिर की।
‘जिम्मेदार बनें, मिलकर कोरोना के खिलाफ जंग जीतें’
मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान योगेश सागर ने सभी कर्मचारियों से सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए घर में रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यही एक तरीका है जिससे कोरोना के खिलाफ जंग जीती जा सकती है। लॉकडाउन कोई पार्टी पीरियड नहीं है। सरकार को अगर कर्फ्यू लगाना पड़ा तो इसका मतलब है कि हम जिम्मेदार नागरिक नहीं है। ऐसा नहीं है कि वायरस किसी खास वर्ग को ही निशाना बनाएगा। योगेश सागर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिम्मेदार बनें, सहयोग करें और मिलकर कोरोना के खिलाफ जंग जीतें।