मोहाली। जिले में बढ़ रहे कोरोना के मरीजों को घर पर ही उचित इलाज मुहैया करवाने के लिए प्रशासन की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन इस समय प्रशासन के सामने एक नई दिक्कत आ गई है कि जिन कोरोना संक्रमित लोगों को प्रशासन ने होम आइसोलेशन में इलाज के लिए जो फतेह किट मुहैया करवाई थी। उन लोगों ने ठीक होने के बाद सेहत विभाग को ऑक्सीमीटर वापस नहीं पहुंचाए हैं। जबकि मुश्किल के समय में सरकार के लिए नए ऑक्सीमीटर खरीदना आसान नहीं है।
ऐसे में सेहत विभाग ने लोगों से अपील की है कि वह अपने नजदीकी सेहत केंद्र में जाकर इन्हें वापस करें। ताकि लोगों को फायदा हो सके।
जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने कोरोना के मरीजों को होम आइसोलेशन में बढ़िया इलाज मुहैया करवाने के उद्देश्य से उन्हें फतेह किट मुहैया करवाई थी। इसमें पल्स ऑक्सीमीटर, स्टीमर, फिजीकल थर्मामीटर, दवाइयां, मास्क के साथ ही जागरूकता सामग्री मुहैया करवाई गई थी।
इसके बाद जब एक दम केस बढ़ने लगे तो ऐसे में और ऑक्सीमीटर खरीदे जा सकें, यह सरकार के लिए आसान नहीं था। इसकेे बाद सरकार ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया था कि जिन मरीजों को होम आइसोलेशन के दौरान इलाज के लिए ऑक्सीमीटर सेहत विभाग ने दिए थे वह उनको वापस लौटाएं। इसके बावजूद लोगों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। सिविल सर्जन आदर्श पाल कौर ने लोगों से कहा कि इस मुश्किल की स्थिति को समझें, जिससे अन्य मरीजों को इसका फायदा मिल पाए।
क्या फायदा होता है ऑक्सीटर का
पल्स ऑक्सीमीटर एक छोटा सा उपकरण होता है, इसे पोर्टेबल ऑक्सीमीटर भी कहा जाता है। ऑक्सीजन का स्तर मापने के लिए इसे हाथ की उंगली में फंसाया जाता है। कुछ सेकेंड में यह व्यक्ति के ऑक्सीजन स्तर को रीडिंग के माध्यम से स्क्रीन पर शो कर देता है। साथ ही यह शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव को भी पकड़ लेता है।
एक स्वस्थ व्यक्ति का ऑक्सीजन स्तर 95 से 100 के बीच होना चाहिए। यदि कोरोना संक्रमित मरीजों का ऑक्सीजन स्तर 92, 93 आता है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इस दौरान आप अपने डॉक्टर्स को तुरंत सूचित करें। कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को हर तीन घंटे पर ऑक्सीमीटर द्वारा ऑक्सीजन स्तर की जांच करनी चाहिए।