मोहाली। खरड़ रेलवे स्टेशन समेत दो दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाली नवांशहर-बडाला रोड पूरी तरह से जबाब दे गई है। अगर खरड़ अनाज मंडी से लेकर रेलवे ओवरब्रिज तक बात करे तो 500 से भी अधिक गड्ढे हैं। बारिश होने पर स्थिति गंभीर हो जाती है लेकिन सड़क की हालत को लेकर कोई भी विभाग गंभीर नहीं है। यहां तक राजनेता भी इस तरह मुंह नहीं करते हैं। यहां पता ही नहीं चलता कि सड़क गड्ढों में है या गड्ढे सड़क में है। कई महीने से समाजसेवी संस्थाएं और समाजसेवी लोग सड़कों के गड्ढों को मिट्टी या पत्थर डालकर भर रहे हैं। वहीं इसे लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों की नींद तक नहीं खुल रही है। लोगों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में डीसी से मुलाकात करेंगे।
जानकारी के मुताबिक लांडरां-खरड़ रोड पर नवांशहर-बडाला रोड के आगे चलकर रेलवे स्टेशन के लिए सड़क निकलती है। सड़क के दोनों तरफ कई नामी रिहायशी सोसाइटीज है। इसके अलावा दर्जन भर से अधिक गांवों के लोगों के लिए भी उक्त सड़क लाइफलाइन है लेकिन सड़क की हालत काफी खराब है। इस बारे में गुलमोहर सिटी निवासी दीपक पराशर ने बताया कि गत अकाली-भाजपा समय में हालत फिर भी ठीक थी। सड़क टूटने पर रिपेयर भी हो जाती थी लेकिन अब इस रोड की कोई सुध नहीं ले रहा है।
खरड़ प्रशासन के अधिकतर कार्यक्रम खरड़ अनाज मंडी में होते हैं। इस चीज को प्रशासन के अधिकारी भी जानते हैं। ऐसे में 15 अगस्त वाले प्रोग्राम से पहले खरड़ अनाज मंडी तक सड़क को थोड़ा-बहुत ठीक किया गया था जबकि शेष रोड़ की हालत खराब है। अनाज मंडी में भी रीकारैपटिंग की गई। वहीं नए सिरे से प्रीमिक्स भी डाले गए जबकि मुख्य सड़क की कोई सुध नहीं ले रहा है।
इलाका निवासी पीके सिंह ने बताया कि उनसे नगर काउंसिल प्रॉपर्टी टैक्स लेने में सबसे आगे है। अभी घर पर बिजली का मीटर लगता नहीं है, लेकिन काउंसिल वाले प्रॉपर्टी टैक्स वसूल लेते हैं। लोग प्रॉपर्टी टैक्स समय पर जमा करवाएं, इसके लिए भी काउंसिल कई तरीके अपनाती है लेकिन न जाने रोड पर अधिकारियों की नजर क्यों नहीं जाती है।
जानकारी के मुताबिक नवांशहर-बडाला रोड पर रात के समय निकलना मुश्किल हो जाता है क्योंकि सड़क पूरी तरह से टूटी हुई है। इसके अलावा शाम होते ही इलाके में स्ट्रीट लाइट्स भी बंद रहती है। इसके अलावा रेलवे रोड पर झाड़ियां भी हैं। इनमें से आवारा पशु और जानवर आना आम बात है। इससे भी लोगों को परेशानी होती है।